रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। 13 अगस्त की देर रात अभ्यर्थियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। अभ्यर्थियों ने कहा कि आंदोलन को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, इसलिए उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।
अभ्यर्थियों ने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमें आंदोलन स्थल पर किसी विद्यार्थी के मौजूद नहीं होने की बात कही गई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि छात्र आंदोलन स्थल पर मौजूद हैं। उनका कहना है कि कुछ विद्यार्थी डेलिगेशन के रूप में मोहराबादी गेस्ट हाउस में सरकार के साथ बातचीत के लिए गए थे। इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि आंदोलन स्थल खाली है या वहां विद्यार्थी मौजूद नहीं हैं।
अभ्यर्थियों ने 16 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव से जुड़ी खबरों को भी भ्रामक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कोई कार्यक्रम तय नहीं है। इसके बजाय 15 अगस्त को अभ्यर्थियों की ओर से तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी है। इससे पहले भी आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से तिरंगा मार्च सहित विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा की जा चुकी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से सीधे बातचीत करने की अपील की। उनका कहना है कि सरकार अगर विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे सुने और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय ले, तो गतिरोध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का मंच है। उनका दावा है कि उनकी ओर से रखी गई मांगों में से अब तक केवल करीब 2 प्रतिशत मांगों को ही माना गया है, जबकि कई प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से अभी तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी पहले भी स्वतंत्र जांच सहित विभिन्न मांगें उठा चुके हैं।
FIR को लेकर भी अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनका दावा है कि दर्ज FIR में किसी भी विद्यार्थी का नाम दर्ज नहीं है। हालांकि, हालिया रिपोर्टों के अनुसार आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसलिए FIR में नामजदगी और आरोपों की वास्तविक स्थिति को लेकर प्रशासन की आधिकारिक स्पष्टता महत्वपूर्ण होगी।
अभ्यर्थियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत कर उनकी मांगों के समाधान की दिशा में पहल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो राहुल गांधी को सरकार को दिए जा रहे समर्थन को वापस लेने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
फिलहाल JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन सरकार और छात्रों के बीच बातचीत तथा मांगों के समाधान पर टिका हुआ है। अभ्यर्थियों की ओर से 15 अगस्त को प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर भी लोगों की नजर रहेगी। वहीं, सरकार की ओर से प्रमुख मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा तय कर सकता है।
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