झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को लगातार बड़ी सफलता मिल रही है। ऑपरेशन ‘नवजीवन-II’ के तहत मंगलवार को प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के 16 सक्रिय नक्सलियों ने झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के विभिन्न स्तरों के कमांडर और दस्ता सदस्य शामिल हैं। इनके साथ 11 अत्याधुनिक हथियार और 1,562 गोलियां भी सुरक्षा बलों को सौंपी गईं।

आत्मसमर्पण करने वाले 16 नक्सलियों में 11 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। इनमें एक रीजनल कमेटी सदस्य, तीन जोनल कमेटी सदस्य, तीन सब-जोनल कमेटी सदस्य, छह एरिया कमेटी सदस्य तथा तीन दस्ता सदस्य हैं। इनमें से 14 नक्सली चाईबासा जिले और दो लातेहार जिले के रहने वाले हैं। ये सभी चाईबासा और लातेहार के दुर्गम जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय थे तथा संगठन के शीर्ष नेताओं मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल के दस्ते से जुड़े बताए गए हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात नक्सली भी शामिल हैं। इनमें मिसिर बेसरा का बॉडीगार्ड सनी शर्मा, संतोष उर्फ गांधी, जिसके खिलाफ 200 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं, वहीं चंदन लोहार और जयका मुंडा उर्फ गंगा के खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 में गढ़वा के बंदरिया क्षेत्र में लैंडमाइन विस्फोट में झारखंड जगुआर के छह जवानों की शहादत की घटना में भी इनकी कथित संलिप्तता रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पास से 11 अत्याधुनिक हथियार और 1,562 गोलियां बरामद की गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है।
दो महीने में 43 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
नक्सल विरोधी अभियान के तहत बीते दो महीनों में यह दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले 21 मई को 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। मंगलवार को 16 और नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ पिछले दो महीनों में कुल 43 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। इसके अलावा इसी दस्ते के आठ अन्य कमांडर और सदस्य, जो छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए छत्तीसगढ़ भेजे गए हैं।
सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने बताया कि इन आठ नक्सलियों का आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ की संयुक्त रणनीति तथा आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। सुरक्षा बलों का अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
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