पटना से रांची जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन के इंजन के अगले हिस्से में एक महिला का कटा हुआ सिर बरामद किया गया। बोकारो रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर ट्रेन के पहुंचते ही इंजन के आगे से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली। इसके बाद आरपीएफ बोकारो और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच की प्रक्रिया के चलते ट्रेन करीब एक घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही।
जानकारी के मुताबिक, इंजन के आगे स्थित कैटल गार्ड के आसपास जांच की गई। इसी दौरान वहां बने एक हिस्से में करीब 50 वर्षीय महिला का कटा हुआ सिर मिला। आरपीएफ की मौजूदगी में सिर को बाहर निकाला गया, जिसके बाद जीआरपी ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया।
बताया जा रहा है कि गोमो स्टेशन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस के चालक को बदला जाता है। गोमो में ट्रेन के इंजन के आसपास दुर्गंध महसूस होने पर शुरुआती तौर पर जांच की गई थी। उस समय आशंका जताई गई कि संभवतः कोई चूहा मरकर इंजन के किसी हिस्से में फंस गया होगा। हालांकि, चंद्रपुरा स्टेशन तक पहुंचते-पहुंचते दुर्गंध बढ़ती गई। इसके बाद बोकारो स्टील स्टेशन पर ट्रेन की दोबारा जांच की गई, जहां इंजन के आगे से महिला का कटा हुआ सिर बरामद हुआ।

आरपीएफ ओसी संतोष कुमार ने बताया कि ट्रेन से दुर्गंध आने की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी खोजबीन की। जांच के दौरान इंजन के आगे कैटल गार्ड के समीप एक हिस्से से करीब 50 वर्षीय महिला का कटा हुआ सिर बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि सिर इंजन के आगे तक कैसे पहुंचा, उसे वहां किसने रखा और महिला की पहचान क्या है, समेत कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
वहीं, स्टेशन प्रबंधक संतोष कुमार नायक के अनुसार, जनशताब्दी एक्सप्रेस सुबह 11:35 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंची थी। सिग्नल दिए जाने के बाद पायलट ने वॉकी-टॉकी के जरिए कंट्रोल को सूचना दी कि इंजन के आगे एक कटा हुआ सिर रखा हुआ है। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी को सूचना देकर जांच शुरू कराई गई। फिलहाल पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं और महिला की पहचान के साथ-साथ यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शव का हिस्सा ट्रेन के इंजन के आगे तक कैसे पहुंचा।




