धनबाद के Mayor संजीव सिंह और बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो के बीच चल रही लड़ाई का असर अब आम जनता के लिए चल रहे विकास कार्यों पर साफ़ दिख रहा है। अगर इसका एक उदाहरण बाघमारा गज़लीटांड़ वर्कर्स कॉलोनी का प्रोजेक्ट है,जहां लगभग ₹88 लाख की लागत से एक सड़क बननी है।लेकिन Mayor संजीव सिंह और बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो के बीच चल रही लड़ाई का असर इस दौरान योजना से जुदा शिलापट्ट नदारद दिखा।जो अचानक स्थानीय लोगों में कौतूहल का विषय बन गया। चूंकि शिलापट्ट के माध्यम से योजना से जुड़ी कई जानकारियां आमजनों के बीच पारदर्शी तरीके से सामने रहता है। वही वार्ड 05 की पार्षद निरुपमा देवी ने मुख्य अतिथि के तौर पर इस लगभग 2,000 फ़ीट लंबी सड़क के निर्माण कार्य का औपचारिक उद्घाटन किया गया ।Mayor संजीव सिंह और बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो के बीच का खिचातान से विकास कार्य में बाधा आने की आंशका है।

हालांकि, प्रोजेक्ट की आधारशिला वाली पट्टिका (stone plaque) वहां नहीं थी, जिससे स्थानीय लोगों में उत्सुकता पैदा हुई। ऐसी पट्टिकाएँ आमतौर पर जनता को प्रोजेक्ट की जानकारी पारदर्शी तरीके से देने के लिए लगाई जाती हैं। गायब पट्टिका के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, पार्षद निरुपमा देवी ने इस स्थिति के लिए धनबाद के मेयर/डिप्टी मेयर और बाघमारा विधायक के बीच की दुश्मनी को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि विरोधी गुट को पट्टिका पर लिखे जाने वाले कुछ नामों पर आपत्ति हो सकती है, इसीलिए इसे लगाया ही नहीं गया।
इस विवाद के बावजूद,सड़क की आधारशिला रखे जाने से गज़लीटांड़ कॉलोनी के निवासियों में बहुत खुशी है। शहीद मज़दूरों की ज़मीन के तौर पर जानी जाने वाली इस बस्ती में लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या रही है। निवासी इस निर्माण प्रोजेक्ट को उन शहीद मज़दूरों को श्रद्धांजलि के तौर पर देख रहे हैं।
यह देखना बाकी है कि इस सड़क प्रोजेक्ट का भविष्य क्या होगा, जो निर्माण शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। हालांकि, एक बात तो तय है, इस बात की पूरी संभावना है कि यह प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार का शिकार हो सकता है।मेयर संजीव सिंह और बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो के बीच चल रही लड़ाई जनता के विकास पर असर कर सकती है। बात दें कि कभी दोनों की दुश्मनी विकास में बाधा बन सकती है ।





