एक तरफ तो झारखंड सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सड़क पर गहरे गड्ढें (potholes) बन जा रहे है, सड़क पर बने गहरे गड्ढें (potholes) जैसा लोगों की सरकार से उम्मीद भी गड्ढें (potholes) में गिर जा रहे है, अभी तक यहां लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं है। लातेहार जिले का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर नवरंग चौक से डेमू गांव ग्राम से भटूरा तक की सड़क ऐसी है कि यहां से मंजिल तक पहुंचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगता है। जिले मे बारिश के बाद नवरंग चौक से डेमू गांव को जोड़ने वाली करीब 3किलोमीटर लंबी सड़क गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं हुई, जिससे रोजाना हादसों हो रहे है और खतरा बना हुआ है नवरंग चौक से डेमू गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क पर जगह-जगह बड़े और छोटे गड्ढे (potholes) बन गए हैं।

बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।राहगीर जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं। कई जगहों पर आधी सड़क जैसे है ही नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क का निर्माण लगभग पांच वर्ष पहले ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कराया गया था, लेकिन उसके बाद से इसकी समुचित मरम्मत नहीं कराई गई। लगातार बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की पिचिंग उखड़ गई है और कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं।
सड़क गड्ढे में है या गड्ढे में सड़क है यह कहना मुश्किल है। फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। जरा सी चूक हुई तो आप अस्पताल पहुंच जाएंगे। जिम्मेदार भी इस ओर नहीं दे रहे हैं ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर लगभग 200 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे हैं, जिससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राजेश यादव, गौतम विकास, सत्येंद्र मेहरा समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक सवार अक्सर फिसलकर घायल हो जाते हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है लोगो ने बताया कि इस सड़क से प्रतिदिन 50 से 60 एफसीआई गोदाम की गाड़ी का आना-जाना लगा रहता है जिसके कारण 3 फीट तक सड़क में चारों तरफ गड्ढे हो चुके हैं ।
स्कूल के बच्चे को उनके अभिभावकों के द्वारा जूता चप्पल खोल कर अपनी गोद में लेकर जाते हैं तब बच्चे स्कूल पहुंच पाते हैं क्योंकि बच्चे पैदल जाने में पूरी तरह से असमर्थ हैं प्रतिदिन इस सड़क पर चार से पांच मोटरसाइकिल से यहां दुर्घटना होती है हम लोग का ही मांग है कि जिला प्रशासन अभिलंब इस सड़क को बनवा कर हम लोग की समस्या का समाधान करें कई बार संबंधित विभाग सांसद विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को सड़क की मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है।
दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी दिक्कत होती है। कई बार वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि अगर किसी मरीज को अस्पताल तक ले जाना हो, तो काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और हॉस्पिटल तक पहुंचते-पहुंचते उसकी हालत और खराब हो जाती है लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर चलना मुश्किल हो गया है।लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं ग्रामीण कार्य विभाग से अविलंब सड़क की मरम्मत कराने, गड्ढों को भरने तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
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