यूं तो झारखंड की राजनिति को पेचिदा मानी जाती है, इसके उलझानें की काम झारखंच केनेताओं का बयान करता है, झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। परिमल नथवानी (Parimal Nathwani) की जीत लोगों पर भारी पड़ रही है, हमारी Tv45 के टीम ने खास बातचीत में पूर्व मंत्री और भाजपा प्रवक्ता रणधीर सिंह ने सत्ताधारी गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी (Parimal Nathwani) की जीत और सत्ताधारी गठबंधन के प्रत्याशी की हार के बाद अब Parimal Nathwani के जीत पर भी सवाल उठ रहे है। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर पूर्व मंत्री और भाजपा प्रवक्ता रणधीर सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सत्ताधारी गठबंधन को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। रणधीर सिंह ने सत्ताधारी दल के दावों पर तंज कसते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस, राजद, झामुमो और माले मिलकर 56 विधायकों के समर्थन का दंभ भर रहे थे, उन्हें आज यह साफ करना चाहिए कि आखिर उनके खेमे में क्रॉस वोटिंग किसने की।
वहीं दूसरी तरफ, सत्ताधारी गठबंधन का आरोप है कि भाजपा ने इस चुनाव में ‘पर्दे के पीछे’ का खेल खेलकर सरकार में फूट डाली है। इस आरोप पर जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता रणधीर सिंह ने कहा, “यह तो राजनीति में चलते रहता है। फूट डालो राज करो,अंग्रेजों ने भी यहां फूट डाला था।” उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।गठबंधन के अंदर आई इस गहरी दरार के बाद जब रणधीर सिंह से सवाल किया गया कि क्या मौजूदा सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी?
रणधीर सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी चुनी हुई सरकार को नहीं गिराती है। लेकिन, अगर कोई सरकार अपने ही अंदरूनी कारणों की वजह से गिर जाए, तो उसमें भारतीय जनता पार्टी को दोषीदार नहीं ठहराया जा सकता। रणधीर सिंह ने कहा कि हमारे पास वैसे भी कोई प्रत्याशी नहीं था इसलिए हमने एनडीए का समर्थन कर दिया और जहां तक बात परिमल नाथवानी की है तो वो निर्दलिय प्रत्याशी थे। हेंमत सरकार 56 विधायकों के समर्थन के साथ चुनावी मैदान में उतरे थे ।
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