गोड्डा जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। एक ओर भीषण गर्मी लोगों का जीना मुहाल कर रही है वहीं दूसरी ओर कई गांवों में खराब पड़े जलमीनार और चापाकल पेयजल संकट को और गंभीर बना रहे हैं। मेहरमा प्रखंड के डोय पंचायत अंतर्गत कमरगामा गांव में पिछले लगभग तीन वर्षों से जलमीनार बंद पड़ा है जिससे ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

गर्मी के इस मौसम में गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार खराब होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप है और लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए चापाकलों एवं अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवारों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार की मरम्मत को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायत की गई है लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
भीषण गर्मी और बढ़ती जल किल्लत के बीच ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही जलमीनार की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पेयजल विभाग से अविलंब हस्तक्षेप करते हुए जलमीनार को दुरुस्त करने और गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है ताकि लोगों को इस संकट से राहत मिल सके।
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