संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की बोकारो जिला कमेटी ने बुधवार को किसानों और खेत मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित 20 सूत्री मांगपत्र उपायुक्त के माध्यम से सौंपा।

मोर्चा के नेता डी.सी. गोआई ने कहा कि आज भी किसानों और खेत मजदूरों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, सस्ती कृषि सामग्री और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कई नीतियां किसानों के हितों के अनुरूप नहीं हैं, जिससे खेती लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।
किसानों ने ज्ञापन में उठाईं ये प्रमुख मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने 20 सूत्री मांगपत्र में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रोक लगाने, सभी फसलों की एमएसपी पर कानूनी खरीद की गारंटी देने, बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने तथा मनरेगा को पूर्व की तरह प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।
इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, धान का सरकारी खरीद मूल्य बढ़ाकर 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल करने और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत लिए गए कर्ज को माफ करने की भी मांग की गई।
सिंचाई, पेंशन और आवास पर भी जोर
मोर्चा ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाने, किसानों को आवास योजना का लाभ देने, राशन कार्ड से वंचित परिवारों को जोड़ने तथा सभी ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने सरकार से किसानों और खेत मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान करने और मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। अमेरिका से कृषि उत्पादों पर किए गए डील के विरोध में पंजाब के किशान भी दिल्ली में प्रदर्शन करने की कोशिश में लगे हैं लेकिन उन्हें शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया है। सिंचाई, पेंशन, आवास और न्यूनतम मजदूरी को लेकर 20 सूत्री मांगें अगर नहीं पूरी होती हैं तो बोकारो संयुक्त किसान मोर्चा अपनी मांगों को लेकर आगे भी प्रदर्शन करती रहेगी।





