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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए झारखंड में महुआ बोर्ड गठन का प्रस्ताव

On: February 11, 2026 6:18 PM
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए झारखंड में महुआ बोर्ड गठन का प्रस्ताव
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राज्य में महुआ आधारित अर्थव्यवस्था को संगठित और सशक्त बनाने के लिए महुआ बोर्ड गठन का प्रस्ताव सामने आया है। बोर्ड बनने से महुआ उत्पादन, मार्केटिंग और इससे जुड़े रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने बिहार के मखाना बोर्ड की तर्ज पर झारखंड में महुआ बोर्ड बनाने का प्रस्ताव ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह के सामने पेश किया है।

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प्रस्ताव में कहा गया है कि महुआ बोर्ड बनने से महुआ की खेती, स्टोरेज, प्रसंस्करण और मार्केटिंग को एक व्यवस्थित ढांचा मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर आदिवासी समुदायों की आजीविका में सुधार होने की उम्मीद है। महुआ को आदिवासी समाज में विशेष महत्व प्राप्त है और इसके फूलों व अन्य उत्पादों का उपयोग खाद्य, औषधीय और दूसरे पारंपरिक कामों में किया जाता है।

जानकारों का मानना है कि बोर्ड के गठन से महुआ उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। इसका उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छी कीमत मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे और राज्य में महुआ आधारित लघु एवं कुटीर उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

महुआ बोर्ड गठन के प्रस्ताव में ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। इससे न केवल ग्रामीण आय में वृद्धि होगी बल्कि पलायन पर भी अंकुश लग सकेगा। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है ताकि स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।

महुआ बोर्ड का गठन राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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