मिली जानकारी के अनुसार, माता शीतला अष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह 9 से 10 बजे के बीच भारी भीड़ जुटी हुई थी। चैत माह का आखिरी मंगलवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से कहीं अधिक थी। इसी दौरान अचानक किसी कारणवश अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। इस दर्दनाक घटना में 8 से 9 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था के कारण हालात बेकाबू हो गए। कुछ ही पलों में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
बिहार में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। साल 2014 में पटना के गांधी मैदान में दशहरा के दौरान रावण दहन कार्यक्रम के बाद मची भगदड़ में 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा औरंगाबाद और अन्य जिलों में भी धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन में चूक के चलते ऐसे हादसे होते रहे हैं, जो प्रशासनिक सतर्कता और बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता को बार-बार उजागर करते हैं।
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