झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम में बड़ा दांव खेला है। सीएम ने महिलाओं का हर महीने 2500 रुपए देने का वादा किया है। साथ ही छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं की घोषणा की है।

एक जनसभा में हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि यदि उनकी पार्टी को असम में सत्ता मिलती है तो राज्य की प्रत्येक महिला को ‘फूलो-झानो मां सम्मान योजना’ के तहत हर महीने 2500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
इसेक साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के लिए आधुनिक हॉस्टल की व्यवस्था और शिक्षा के साथ बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया है। उनका कहना था कि शिक्षा के बेहतर वातावरण के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवास बेहद जरूरी है जिसे उनकी सरकार प्राथमिकता देगी।
हेमंत सोरने ने चाय बागान मजदूरों से एकजुटता की अपील की है। उन्होंने कहा है कि एकजुट होंगे तो सरकार आपके इशारों पर चलेगी। उन्होंने कहा कि जिस दिन चाय बागानों के भाई-बहन एकमत होकर संकल्प ले लेंगे उसी दिन से असम सरकार उनके इशारों पर चलेगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्षी दलों के साथ भेदभाव करता है और जनसभाओं की अनुमति देने में देरी करता है। इसपर बीजेपी ने जवाबी हमला करते हुए कहा है कि फैंसी वादों से जनता को भ्रमित किया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता अजय शाह ने तीखा हमला करते हुए कहा कि झारखंड में 2500 रुपए की योजना लागू करने के बाद महिला आयोग और बाल आयोग जैसी संस्थाओं को कमजोर किया गया और कई योजनाएं बंद कर दी गईं।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता कमल ठाकुर ने इस योजना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में लागू मैया सम्मान योजना गठबंधन सरकार की देन है जिसमें कांग्रेस की भी अहम भूमिका रही है। ठाकुर ने कहा कि यदि असम में भी इसी तरह की योजना लागू होती है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी और जनता इस सच्चाई से परिचित है।
हेमंत सरकार ने झारखंड में 1 सितंबर 2024 से मैइयां सम्मान योजना लागू की है। जिसके तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए दिए जा रहे हैं। हम आपको बता दे कि झाझुमो 15 साल बाद एक बार फिर से असम विधानसभा चुनाव में भाग ले रही है। इस बार झामुमो ने 18 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं।
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