रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में JMM पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi का चौतरफा पोल खोला है । भट्टाचार्य ने आर्थिक स्थिति, सामाजिक माहौल और West Bengal की हालिया घटनाओं जैसे बिंदुओं पर चर्चा करते हुआ कहा की आज देश हमाराआर्थिक संकट और सामाजिक भय के दौर से गुजर रहा है । लेकिन सरकार केवल अपने प्रचार में व्यस्त है । केंद्रीय महासचिव ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा की सरकार को देश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन सरकार को थोड़ा
भी चिंता नहीं है।

प्रधानमंत्री की हाल ही में किय गए विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की बिगड़ती अर्थ व्यवस्था की अलोचना वैशिवक स्तर पर हो रही है। और प्रधानमंत्री की छवी मजाकिया बनते जा रही है।सुप्रियो भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और कथित प्रतिबंधों के मुद्दे पर भी बीजेपी सरकार को घेरा। आरोप लगाते हुए कहा की बंगाल की स्थिती तो ऐसी कर दी गई है की वहां विरोध प्रदर्श करना मुशकिल हो गया है। और वही बकरीद के दौरान झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
और साथ ही बीजेपी पर आरपो लगाते हुए कहा की समाज में आपसी विश्वास खत्म करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है । उन्होंने प्रधानमंत्री के “आंदोलनजीवी” बयान पर भी निशाना साधा और कहा कि आंदोलन करने वालों को “parasite” यानी समाज का खून चूसने वाला बताना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
इसके अलावा “कॉकरोच” शब्द के इस्तेमाल और न्यायपालिका से जुड़े विवादित बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश अपने दिए हुए बयान पर सफाई दे रहे है लेकिन इसके बावजूद भी इस तरह की भाषा राजनीति के गिरते स्तर को दर्शाती है।
महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने जनता से अपिल करते हुए कहा की इस बढ़ती महगाई ने हमारी कमर तोड़ दी है । जिसके खिलाफ हमें खुद एक जुट होकर बेरोजगारी के खिलाफ सड़को पर उतरना होगा । अब अपनाी हक की चिंता हमें खुद करनाी होगी ।भट्टाचार्य ने साफ शब्दों में कहा की विपक्ष अपनी असमर्थता और विफलताओं को छुपाने के सता पक्ष द्वारा समाज को विभाजित करने का काम कर रही है ।
झामुमो नेता भारत सरकार की प्रशासनिक नीति की तुलना एक ‘शुतुरमुर्ग’ से की, जो बड़े खतरे को सामने आते देख अपना सिर रेत में छिपा लेता है और ये सोच लेता है कि संकट टल गया है। उन्होंने कहना कि झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए झामुमो दिल्ली तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
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