पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “विजय संकल्प सभा” में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन की मौजूदगी ने राजनीतिक पारा और बढ़ा दिया। मंच से चम्पाई सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी की जीत का दावा करते हुए टीएमसी सरकार पर आदिवासियों के उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

सभा में प्रधानमंत्री मोदी के साथ चम्पाई सोरेन की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह भर दिया। दोनों नेताओं के बीच दिखी गर्मजोशी को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। चम्पई सोरेन ने कहा कि जंगलमहल क्षेत्र में बदलाव की लहर है और आने वाले समय में यहां भाजपा सरकार बनने का भरोसा जताया।
अपने संबोधन में चम्पई सोरेन ने टीएमसी सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि आदिवासियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उनका उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में उनके द्वारा किए गए दौरे में कई गांवों के लोगों ने बताया कि उनके परिवारों पर फर्जी केस दर्ज किए गए हैं। एक गांव में लगभग 80 परिवारों के मुकदमों में फंसे होने की बात भी सामने आई। इसके अलावा उन्होंने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आदिवासियों और मूलवासियों की जमीन पर कब्जा कर बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाया जा रहा है जिसे उन्होंने क्षेत्र की पहचान और अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
इसे भी पढ़ें- कौन हैं साध्वी सतीश सैल? ब्यूटी, ब्रेन और बेबाकी से बनीं मिस इंडिया 2026
चम्पाई सोरेन ने राष्ट्रपति के सम्मान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि भाजपा ने एक आदिवासी महिला को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाकर सम्मान दिया है। जबकि टीएमसी ने आदिवासी समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब जनता आगामी चुनाव में देगी। लगातार दौरों और सक्रियता के चलते जंगलमहल में भाजपा की स्थिति मजबूत होने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि चुनावी नतीजे क्या रुख अपनाते हैं यह आने वाला समय ही तय करेगा।
पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल और दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होंगा। 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके बाद 6 मई 2026 तक चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और नई सरकार के गठन की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।





