आरएसएस कार्यालय पर petrol bomb फेंकने के मामले ने सियासी गर्मा गई थी, लेकिन अब इस मामले का पर्दाफास हो गया है ,आरएसएस कार्यालय पर petrol bomb फेंकने के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों गिरफ्तार कर लिया गया था। एक आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।बता दें कि आरोपी ने पुलिस से बाथरूम जाने का बहाना बनाया, जिसके बाद उसने गेट बंद कर दिया और खिड़की का शीशा तोड़कर वहां से कूदकर फरार हो गया। पुलिस ने विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की, पुलिस ने आरोपी को कांटाटोली मार्ग होते हुए मांडर की ओर जाते समय गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपित दोबारा पुलिस का हथियार छीन कर भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को बेहतर इलाज के लिए रिम्स अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस ने 16 जून की रात रांची में RSS ऑफिस पर हुए पेट्रोल बम हमले के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपियों ने उसी रात हुई एक मीटिंग के बाद यह हमला किया। जांच अधिकारियों ने बताया कि दो पेट्रोल बम तैयार किए गए थे। एक ऑफिस के गेट के बाहर मिला, जबकि दूसरा छत पर फेंका गया। गौरतलब है कि इस घटना का CCTV फुटेज वायरल हुआ था, जिसमें दो लोग पेट्रोल बम तैयार करते और फेंकते हुए दिखाई दे रहे थे।
बता दें कि गिरफ़्तार लोगों में से एक रांची का रहने वाला है, जबकि बाकी दो झारखंड के लोहरदगा ज़िले के रहने वाले हैं। पुलिस ने घटनास्थल से बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा सामान भी ज़ब्त किया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी पेट्रोल बम बनाने में पूरी तरह माहिर नहीं थे; वे इसे बनाना सीख रहे थे।
तीनों आरोपियों में से एक पहले छह महीने दुबई में रह चुका है, जहाँ उसे एक आपराधिक मामले में जेल हुई थी। दुबई में रहने के दौरान, वह पाकिस्तान की ISI और ‘भट्टी मॉड्यूल’ से जुड़ा था। ‘राना साहब’ नाम के एक हैंडलर ने ग्रुप को पेट्रोल बम बनाने का तरीका दिखाने वाला एक वीडियो भेजा था, जिसका इस्तेमाल करके उन्होंने ये बम बनाए। तीनों आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल के बीच है। शहज़ाद भट्टी के झारखंड से जुड़े होने के सबूत भी मिले हैं।
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