JPSC-JSSC मुद्दे पर सरकार दो अलग-अलग गुटों से बात कर रही है। एक तो छात्रों का गुट है जिसके डेलिगेशन में 10 सदस्य हैं वहीं दूसरा JLKM से जुड़े छात्रों का गुट है। झारखंड दोनों गुटों से अलग-अलग बात कर रही है।
हायर एजुकेशन, नगर विकास एवं खेल मंत्री सुदिव्या कुमार सोनू ने पिछले 15 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ आज करीब 11:30 बजे बातचीत शुरू की। देवेंद्र महतो के नेतृत्व में JLKM छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई यह बातचीत करीब एक घंटे तक चली और दोपहर 12:30 बजे समाप्त हुई। बातचीत के बाद मंत्री सुदीप कुमार सोनू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि छात्रों की ओर से रखी गई मांगें जायज हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखा जाएगा और सरकार इस पर आगे उचित निर्णय लेगी।
वहीं दूसरी ओर आज छात्र के प्रतिनिधि और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ दूसरा दिन भी स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता चली। लगभग 2 घंटे चली इस वार्ता में सरकार के प्रतिनिधियों को छात्रों ने अपनी मांगों से अवगत कराया सरकार ने भी कई मांगों पर अपनी सहमति जताई लेकिन कहा कि इस पूरे मामले को लेकर अब मुख्यमंत्री से अवगत कराएंगे बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर छात्र अभी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के लिए पड़े हुए हैं उन्होंने कहा कि सरकार हमारी बातें सुनी है लिखी है मुख्यमंत्री को तमाम चीजों से अवगत कराएंगे। छात्रों ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेगी या लिखित आश्वासन और जेपीएससी के वेबसाइट में नहीं डालेगी तब तक हम अपनी आंदोलन जारी रखेंगे 10 अगस्त को विधानसभा घेराव भी हम करेंगे। जेपीएससी और जेएसएससी में कथित रूप से गड़बड़ियों और ओएमआर शीट में गड़बड़ी को लेकर छात्र के आंदोलन का 15 दिन है।
सरकार की ओर से कुछ मांगों पर सहमति जताए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, अंतिम फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर लिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में वार्ता के बाद भी छात्रों का आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं हुआ है।
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों को सुना और उन्हें लिखित रूप से भी दर्ज किया है, लेकिन जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं मिलता और जेपीएससी की वेबसाइट पर इसे सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने घोषणा की है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव किया जाएगा। अब छात्रों की नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर होने वाले फैसले पर टिकी है।
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