झारखंड राज्य में तरक्की की नहीं बल्की आरोप- प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इसी बीच धनबाद विधायक राज सिन्हा (MLA Raj Sinha ) ने शनिवार को समाहरणालय स्थित वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की इस दौरान MLA Raj Sinha ने मीडिया से बातचीत करते हुए हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाविधायक राज सिन्हा (MLA Raj Sinha )ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हालिया घटना बिल्कुल इमरजेंसी (आपातकाल) की याद दिलाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार से इंदिरा गांधी ने अहंकार में आकर देश के अंदर इमरजेंसी लगाई थी और लोगों के अधिकारों तथा उनकी आवाज़ को दबाने का काम किया था, आज उसी प्रकार से झारखंड की वर्तमान सरकार भी अहंकार में आ चुकी है।उन्होंने आगे कहा कि चाहे प्रशासन के माध्यम से हो या अपने भेजे गए असामाजिक तत्वों के द्वारा, एन-केन प्रकारेण छात्रों की आवाज़ को दबाने का कुत्सित प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है। सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि वह जल्द चेत जाए और संभल जाए, क्योंकि जब जनता जाग जाती है, तो प्रशासन तो क्या शायद भगवान भी ऐसी सरकारों को नहीं बचा पाते हैं।
संवैधानिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप। विधायक ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना और पुतला दहन करना नागरिकों और छात्रों का संवैधानिक व मौलिक अधिकार है। यदि छात्रों को अपने साथ अन्याय होने का अंदेशा है, तो वे अपनी आवाज़ उठा रहे थे, जो कि एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा था कि पुलिस प्रशासन हॉकी स्टिक और डंडा लेकर छात्रों पर हमला करने उतर आया।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और सरकार का रवैया ऐसा ही रहा, तो जनता तानाशाही ताकतों को झुकने में देर नहीं लगाएगी।उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे इन मामलों पर गंभीर संज्ञान लें, छात्रों की बातों को सुनें और उनकी माँगों पर उचित विचार करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जाँच कराने का काम करें।
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