Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

SIR विवाद पर सियासी घमासान तेज, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; कांग्रेस समेत विपक्ष का आंदोलन का ऐलान

SIR विवाद पर सियासी घमासान तेज, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; कांग्रेस समेत विपक्ष का आंदोलन का ऐलान
---Advertisement---

SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की एक मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद देश की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। इन मुद्दों में SIR, मतदाता पंजीकरण, Form-6 में बदलाव और मतदाता डेटा के प्रबंधन से जुड़े विषय शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में सामने आए मतभेदों की व्याख्या को स्वीकार नहीं किया है। आयोग की ओर से कहा गया है कि बहु-सदस्यीय संस्था में फैसलों से पहले सवाल, सुझाव और टिप्पणियां दर्ज होना सामान्य प्रक्रिया है और SIR समेत महत्वपूर्ण निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए।

कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन का किया ऐलान

विवाद के बीच कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने विरोध कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि आंदोलन के अगले चरण में जिला कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर जिला मुख्यालयों तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध जारी रहेगा।

विपक्ष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

SIR विवाद को लेकर विपक्षी दलों के कई नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए और दोबारा चुनाव की मांग से जुड़ी बातें रखीं। उन्होंने महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा के चुनाव परिणामों का भी उल्लेख किया।

इन दावों पर ध्यान देना जरूरी है कि विपक्षी नेताओं द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आयोग के भीतर कथित असहमति को सार्वजनिक जांच का विषय बताया। उन्होंने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर अपनी पार्टी की आपत्तियां सामने रखीं और पूरे मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मतदाता सूची में बदलाव और SIR प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है।

आखिर 14 आपत्तियों की रिपोर्ट में क्या सामने आया?

23 सितंबर को सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीने के दौरान कम से कम 14 मौकों पर आयोग के कुछ फैसलों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं।

रिपोर्ट में जिन मुद्दों का उल्लेख है, उनमें Form-6 में बदलाव, मतदाता डेटाबेस को दिल्ली में केंद्रीकृत करने से जुड़े प्रश्न, इलेक्ट्रॉनिक मतदाता रिकॉर्ड तक अधिकारियों की पहुंच और पश्चिम बंगाल तथा गोवा में मतदाता सूची से जुड़े मामले शामिल हैं।

एक मामले में गोवा के 97 पात्र मतदाताओं के नाम सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्या के कारण अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाने की बात भी सामने आई। इन घटनाओं ने मतदाता डेटा के प्रबंधन और तकनीकी प्रक्रिया को लेकर सवालों को और चर्चा में ला दिया है।

चुनाव आयोग ने दी अपनी सफाई

चुनाव आयोग का कहना है कि किसी बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग सदस्यों की ओर से किसी फैसले पर सवाल, सुझाव या टिप्पणी दर्ज करना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है।

आयोग के अनुसार, SIR और अन्य महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके आधिकारिक आदेश निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और संबंधित प्रावधानों के अनुरूप जारी किए जाते हैं।

इस तरह पूरे विवाद में दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं। विपक्ष मीडिया रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों को आयोग के भीतर गंभीर असहमति के संकेत के तौर पर देख रहा है, जबकि चुनाव आयोग इन्हें सामान्य संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बता रहा है।

CJP ने भी दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। दीपके ने 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

CJP ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े कई आरोप भी लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, ये राजनीतिक दावे हैं और इनके समर्थन में किए गए सभी दावों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

BJP ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया का किया बचाव

विपक्ष के आरोपों के बीच बीजेपी ने चुनाव आयोग के भीतर होने वाले विचार-विमर्श को संस्थागत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। बीजेपी का कहना है कि किसी मुद्दे पर अलग-अलग राय या सवाल उठना अपने आप में आयोग के फैसले को अवैध या असंवैधानिक साबित नहीं करता।

इस तरह SIR विवाद में विपक्ष, बीजेपी और चुनाव आयोग की अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं। विपक्ष जहां रिपोर्ट में सामने आई आपत्तियों को गंभीर संस्थागत सवालों से जोड़ रहा है, वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि ऐसी टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।

फिलहाल SIR को लेकर सामने आई रिपोर्ट, चुनाव आयोग की सफाई और विपक्षी दलों के विरोध के कारण मामला राजनीतिक और संस्थागत दोनों स्तरों पर चर्चा में है। आने वाले दिनों में घोषित विरोध प्रदर्शनों और SIR से जुड़े विवाद पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

गम्हरिया रेलवे स्टेशन के सुनसान इलाके में Blinkit डिलीवरी ब्वॉय से लूट, दो गिरफ्तार; मोबाइल बरामद

MMDR संशोधन पर झारखंड में सियासत तेज, विशेष सत्र की तैयारी के बीच बाबूलाल मरांडी ने गिनाए उद्योग पर असर

MMDR संशोधन पर झारखंड में सियासत तेज, विशेष सत्र की तैयारी के बीच बाबूलाल मरांडी ने गिनाए उद्योग पर असर

पलामू मेडिकल कॉलेज के आसपास प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, छह क्लीनिक सील; जांच में मिलीं कई अनियमितताएं

पलामू मेडिकल कॉलेज के आसपास प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, छह क्लीनिक सील; जांच में मिलीं कई अनियमितताएं

धनबाद में पत्थर क्रेसर की जांच के दौरान हंगामा, जिला परिषद उपाध्यक्ष को धमकाने का आरोप

धनबाद में पत्थर क्रशर की जांच के दौरान हंगामा, जिला परिषद उपाध्यक्ष को धमकाने का आरोप

दुमका में बारिश से निखरी बेयर डैम की खूबसूरती, मयूराक्षी नदी और पहाड़ों का मनमोहक नजारा देखने उमड़े पर्यटक

दुमका में बारिश से निखरी बेयर डैम की खूबसूरती, मयूराक्षी नदी और पहाड़ों का मनमोहक नजारा देखने उमड़े पर्यटक

पहाड़ों में मैगी बेचकर एक दिन में हजारों की कमाई, वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की दिलचस्पी

पहाड़ों में मैगी बेचकर एक दिन में हजारों की कमाई, वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की दिलचस्पी

Leave a Comment