Ghumla News: गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित सरना मैदान में करमा पर्व की पूर्व संध्या पर एक भव्य और सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन आदिवासी सरना सुरक्षा मंच द्वारा बड़े ही उत्साह और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सिसई के विधायक जिग्गा सुसारन होरो शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज की पहचान आदिकाल से ही भाईचारा, एकता और प्रेम रही है।

करमा पर्व हमारे पूर्वजों की संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जिसे हमें न केवल सहेज कर रखना है बल्कि नई पीढ़ी तक इसकी महत्ता और मूल्य को भी पहुंचाना है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को करमा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए इसे आपसी प्रेम और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने का संदेश दिया।
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कार्यक्रम के दौरान विधायक ने बसिया प्रखंड मुख्यालय सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लगभग 180 खोड़ा नृत्य मंडलियों को सम्मान स्वरूप ‘डेग’ भेंट किया। यह उपहार आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक माना गया। समारोह के सफल आयोजन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष एवं बीस सूत्री कार्यक्रम के प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव सहित आदिवासी सरना सुरक्षा मंच के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
कार्यक्रम में सुकरात उरांव, अभिषेक लकड़ा, एमलेन खड़िया, जंसिता बरला, उमेश नाग, लुकमान खान, दुर्गा पहान, मंगलेश्वर उरांव, संतोष तिर्की, सोनू पांडेय, अंकित चौधरी, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष विकास साहू, सतीश नायक, अलीम खान सहित हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित थे।
यह आयोजन सिर्फ एक पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की जड़ों, पहचान और सांस्कृतिक चेतना का एक सशक्त उदाहरण बना। करमा की यह पूर्व संध्या बसिया क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी, जिसने सामूहिकता, एकता और संस्कृति के जीवंत रंगों को एक साथ पिरोया।





