Bihar Vidhansabha Election: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है और गुजरात मॉडल को लागू करने की योजना बना रही है। पार्टी का मुख्य ध्यान सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने पर है और कई पुराने चेहरों के स्थान पर नए उम्मीदवारों को मौका दिए जाने की संभावना है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने लगभग 30 मौजूदा विधायकों की सूची तैयार की है, जिन्हें इस बार टिकट नहीं दिए जाने की संभावना है। पार्टी को चिंता है कि कई पुराने विधायक और मंत्री जनता में नाराजगी पैदा कर रहे हैं।
2022 (गुजरात मॉडल) यानी गुजरात विधानसभा चुनाव की तरह बिहार में भी बड़े बदलाव की योजना है। उस समय, पार्टी ने सत्ता विरोधी लहर से पार पाने के लिए अपने 108 विधायकों में से 45 को बदल दिया था, जिससे लगातार सातवीं बार सत्ता हासिल की थी।
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वर्तमान में, बिहार विधानसभा में भाजपा के 80 विधायक हैं, जिनमें 22 मंत्री शामिल हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस रणनीति पर लगातार विचार-विमर्श कर रहे हैं, और कोर ग्रुप की बैठकों में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हो चुकी है।
चुनाव की तारीखों की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है, और एनडीए के भीतर सीट बंटवारे पर बातचीत अंतिम चरण में है। पार्टी को उम्मीद है कि चेहरा बदलने और नई रणनीति से उसे सत्ता में वापसी में मदद मिलेगी।





