मतदाता सूची (Voter List ) का विशेष गहण पुनरीक्षण (SIR) कार्य में तेजी लाने हेतु उपायुक्त -सह- जिला निर्वाचन पदाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभाकक्ष में प्रेस प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बताया गया कि झारखण्ड राज्य में मतदताओं के Voter List को लेकर SIR 2026 कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।SIR 2026 कार्यक्रम की घोषणा फलस्वरूप प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सहभागी बनाने को लेकर बताया गया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ मतदाता के घर-घर जाएंगे एवं मतदाताओं के बीच इन्यूमरेशन फॉर्म बाटेंगे तथा मतदाताओं को विगत विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची (Voter List ) से उनकी मैपिंग सुनिश्चित करेंगे। राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में विगत के विशेष गहन पुनरीक्षण वाले मतदाता सूची (Voter List ) से मैपिंग की विवरणी को नागरिकता हेतु सुपीरियर दस्तावेज के रूप में माना गया है। जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो जाएगी उन्हें मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में सामान्यतः कोई अन्य दस्तावेज नहीं देने होंगे।

SIR को लेकर प्रशासन अलर्ट
जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मिश्रा ने बताया कि मतदाता सूची को शत-प्रतिशत अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि इन्यूमरेशन फॉर्म मिलते ही बिना देर किए आवश्यक जानकारी भर कर एवं हस्ताक्षर कर अपने बीएलओ को लौटाएं, ताकि मैपिंग कार्य में तेजी लाई जा सके और सभी पात्र मतदाताओं का रिकॉर्ड समय पर अद्यतन हो सके। उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म की एक प्रति भरकर मतदाता अपने बीएलओ को देंगे और दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास रखेंगे। सभी मतदाता जो इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे, उनका नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा।
इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं का पिछले गहन पुनरीक्षण (2003) में प्रकाशित मतदाता सूची के साथ मैपिंग कार्य निरंतर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई मतदाताओं को मैपिंग की अद्यतन स्थिति की जानकारी नहीं होने तथा अपेक्षित सहभागिता नहीं मिलने के कारण कार्य की प्रगति प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की तैयारी और संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ाने तथा इसकी विश्वसनीयता में सुधार लाने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति करते हुए सभी आवश्यक निर्देश एवं प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं एवं निरीक्षण कार्यक्रम में पुनरीक्षण पूर्व सभी गतिविधियों को पूर्ण करने का निर्देश पूर्व में ही दिया गया है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मिश्रा ने मतदाताओं के लिए ईन्यूमरेशन फॉर्म के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय मतदाताओं को किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं देने होंगे। जब बीएलओ घर आये तो वैसे मतदाता जिनकी अभी भी विगत विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हुई है वे बीएलओ को अपना विवरण बताकर मैपिंग करा लें।
सत्यापन का अभियान शुरू
उन्होंने बताया कि 5 श्रेणी के मतदाता एब्सेंट, परमानेंटली शिफ्टेड, डेथ, डुप्लिकेट एवं गैर भारतीय का मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में नाम प्रकाशित नहीं किया जाएगा। उन्होंने ने बताया कि गैर भारतीय श्रेणी में दो तरह के मतदाता आते हैं। एक वैसे मतदाता जो अपना भारतीय नागरिकता छोड़ चुके हैं एवं दूसरे वैसे व्यक्ति जो या भारत में वैध या अवैध रूप से रह रहे हैं। इस श्रेणी के मतदाता को यदि इन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त होते हैं तो बिना हस्ताक्षर किए अपने बीएलओ को बिना भरे इन्यूमरेशन फॉर्म वापस कर दें। इन्यूमरेशन फॉर्म में गलत घोषणा पत्र भरकर जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत कानूनी रूप से दंडनीय अपराध है।
इस दौरान उन्होंने भारत के संविधान के आर्टिकल 326 का जिक्र करते हुए कहा कि एक भी भारतीय नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेंगे और एक भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नहीं जुड़ेंगे इस विशेष गहन पुनरीक्षण के सभी कार्य किए जा रहें है। एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी एवं सहभागी है, प्रत्येक फेज की जानकारी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाता है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि 80- गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अब तक 84.56% तथा 81- भवनाथपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 85.61% मैपिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा झारखंड सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की जा चुकी है। आयोग ने झारखंड के लिए 01 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित करते हुए संबंधित गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।
इस दौरान मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण की विभिन्न गतिविधियों को पूर्ण करने को लेकर जानकारी दी गई, जिसमें इसके लिए अहर्ता तिथि 01.10.2026,
BLOs द्वारा घर-घर दौरा 30.06.2026 से 29.07.2026 तक होगा, मतदान केन्द्रों का Rationalization 29.07.2026 तक किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 05.08.2026,दावों और आपत्तियों की अवधि 05.08.2026 से 04.09.2026 तक, दावों और आपत्तियों की सूचना और निपटारा 05.08.2026 से 03.10.2026 तक एवं मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दिनांक- 07.10.2026 निर्धारित किया गया है।
जिला प्रशासन ने मीडिया के जरिये सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्वाचन प्रक्रिया को मजबूत एवं पारदर्शी बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक एवं अद्यतन बनाने में आम नागरिकों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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