धनबाद में मानसून की रफ्तार पकड़ते ही विकास के दावों की पोल खुलने लगी है। महज आधे घंटे की झमाझम बारिश ने बोकारो-राजगंज NH-32 मुख्य मार्ग(highway) को तालाब में तब्दील कर दिया। ये नजारा बाघमारा के कतरास लिलोरी मंदिर के समीप बने रेल अंडरपास की है, जहां जलजमाव के कारण हाईवे (highway) की रफ्तार में पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है। शनिवार देर रात हुई बारिश के बाद अंडरपास का एक लेन पूरी तरह जलमग्न हो गया। आलम यह था कि जलमग्न अंडरपास से ट्रक, हाइवा(highway) और टेलर जैसे बड़े वाहन तो किसी तरह पार हो गए, लेकिन कार, टेम्पो और बाइक चालकों की जान आफत में आ गई। करीब 4 से 5 फीट तक पानी जमा होने की वजह से कई कारें बीच मझधार में ही बंद हो गईं और खराब हो गईं। जिसके बाद लोगों को कड़ी मशक्कत कर गाड़ियों को धक्का मारकर पानी से बाहर निकालना पड़ा।

धनबाद के नेताओं के वादे बारिश के साथ ही बारिश के पानी के साथ नालों के साथ बह जाते है, क्यों कि वदा दो वोट लेने के लिए नेता मंत्री विध्यायक कर देते है लेकिन इसे पुरा करना भुल जाते है, नुकसान सिर्फ जनता का होता जिसमें उनके उम्मिदों के साथ खिलवाड़ होता है, और उनके हालतों में कोई सुधआर नहीं होता है।
जलजमाव की भयावह स्थिति को देखते हुए कई कार चालकों ने हिम्मत नहीं दिखाई और वे रॉन्ग साइड से गाड़ियां निकालने को मजबूर हुए। हाईवे पर उल्टी दिशा से वाहनों के परिचालन के कारण यहां भीषण सड़क दुर्घटना की संभावना भी काफी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि NHAI का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है, और हर बार की बारिश में यही नजारा देखने को मिलता है। इस बड़ी लापरवाही को लेकर अब जनता में NHAI के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है।
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