झारखंड की राजनीति में 2029 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा जहां राज्यसभा चुनाव और जनआंदोलनों के जरिए संगठन को मजबूत करने में जुटी है, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दावा किया है कि आने वाले कई वर्षों तक राज्य में भाजपा की “दाल गलने वाली नहीं है।”

पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीतिक सक्रियता और चुनावी रणनीति के बाद झारखंड भाजपा भी पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रही है। पार्टी लगातार राज्य सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरते हुए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका लक्ष्य वर्ष 2029 में झारखंड में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना है।
इधर, झामुमो की ओर से भाजपा के दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी गई है। झामुमो कोटे से मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति को झारखंड से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि “बंगाल में चुनाव नहीं बल्कि युद्ध जैसी स्थिति थी, लेकिन झारखंड में भाजपा का कोई असर नहीं होने वाला है।”
योगेंद्र प्रसाद ने दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में झामुमो की मजबूत पकड़ है और अगले 18 वर्षों तक राज्य में उनकी ही सरकार रहेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता भाजपा के झांसे में आने वाली नहीं है।
वहीं भाजपा नेता योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा हमेशा 365 दिन चुनावी मोड में रहती है और पार्टी का फोकस 2029 विधानसभा चुनाव पर है। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है और समय आने पर झारखंड में भी “भगवा लहराएगा।”
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।




