झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया। JLKM कार्यकर्ताओं ने कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरोध में जिला समाहरणालय परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं और अभ्यर्थियों ने DC ऑफिस के सामने धरना देते हुए भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि होमगार्ड भर्ती में पारदर्शिता का अभाव रहा और कई योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया गया। आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि शारीरिक दक्षता परीक्षा और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। कई अभ्यर्थियों ने प्रशासन पर पक्षपात और सिफारिश के आधार पर चयन करने का भी आरोप लगाया।
JLKM नेताओं ने कहा कि राज्य में बेरोजगार युवा पहले ही नौकरी की कमी से परेशान हैं ऐसे में भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार के आरोप युवाओं का भरोसा तोड़ रहे हैं। JLKM ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और जिला प्रशासन ने जल्द मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की तो आंदोलन को पूरे राज्य स्तर पर तेज किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ देर के लिए DC ऑफिस के बाहर अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई थी और पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
Also Read- वट सावित्री पूजा 2026 : अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र का महापर्व
दरअसल पिछले कुछ दिनों से होमगार्ड भर्ती को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जाहिर की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और चयन सूची सार्वजनिक मानकों के आधार पर जारी की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान JLKM प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही विवादित चयन सूची रद्द करने और योग्य उम्मीदवारों को न्याय दिलाने की मांग की। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन इस प्रदर्शन ने राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।




