लातेहार में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच आम लोगों और जरूरतमंदों की स्थिति को करीब से समझने की पहल उपायुक्त संदीप कुमार की कार्यशैली का हिस्सा बनती जा रही है। इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को बिना किसी पूर्व सूचना के केश्वर आहरा स्थित बाल आश्रय गृह का औचक निरीक्षण किया।
बताया गया कि इससे पहले लातेहार में पदस्थापित किसी उपायुक्त द्वारा इस बाल आश्रय गृह का निरीक्षण नहीं किया गया था। अचानक पहुंचे डीसी ने आश्रय गृह में रह रहे बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत कर उनके रहने, भोजन और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बच्चों के रहने की व्यवस्था के साथ-साथ किचन, कार्यालय कक्ष, स्टोर रूम, सुपरिटेंडेंट कक्ष और उपस्थिति रजिस्टर का भी बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए जहां जरूरी हो, वहां सुधार करने के निर्देश दिए।
किचन को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्देश
आश्रय गृह के निरीक्षण के दौरान किचन की स्थिति पर भी उपायुक्त की नजर गई। उन्होंने इसे अधिक उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया, ताकि बच्चों के लिए बेहतर और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
आश्रय गृह से निकलते समय भी डीसी की नजर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या पर पड़ी। सामने स्थित केश्वर आहरा में बारिश के कारण काफी मात्रा में पानी जमा था। जलाशय के आसपास की स्थिति को देखते हुए उन्होंने तत्काल अधिकारियों से जानकारी ली और बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।
बच्चों की सुरक्षा के लिए तारबंदी कराने का निर्देश
उपायुक्त ने बाल आश्रय गृह के सामने तारबंदी कराने का निर्देश दिया, ताकि बच्चे जलाशय की ओर न जा सकें और किसी संभावित हादसे से उनकी सुरक्षा की जा सके।
इसके साथ ही डीसी ने केश्वर आहरा के सौंदर्यीकरण की दिशा में भी पहल करते हुए अधिकारियों को डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया। इससे क्षेत्र के इस जलाशय के विकास और कायाकल्प की उम्मीद जगी है।
औपचारिक निरीक्षण से आगे दिखी संवेदनशीलता
डीसी संदीप कुमार का यह औचक निरीक्षण महज सरकारी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने बच्चों से सीधे बातचीत की, आश्रय गृह की व्यवस्थाओं को मौके पर देखा और निरीक्षण के दौरान सामने आई सुरक्षा संबंधी समस्या पर तत्काल संज्ञान लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उपायुक्त स्तर से बाल आश्रय गृह का निरीक्षण किया जाना और बच्चों की सुरक्षा को लेकर तुरंत निर्णय लिया जाना सकारात्मक पहल है। वहीं, केश्वर आहरा के सौंदर्यीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश से लंबे समय से उपेक्षा और अतिक्रमण का सामना कर रहे जलाशय के विकास की उम्मीद भी बढ़ी है। मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सविता कुमारी, प्रभारी पदाधिकारी, गोपनीय शाखा श्रेयांश समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
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