किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की कूटनीतिक सक्रियता चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं, जहां रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता मौजूद हैं। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शांति, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया।
SCO सम्मेलन के दौरान नेताओं की ग्रुप फोटोग्राफी भी हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत भी देखने को मिली। दोनों नेताओं की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन के बीच संबंधों को लेकर पूरी दुनिया की नजरें दोनों देशों की गतिविधियों पर रहती हैं।
जिनपिंग से हुई पीएम मोदी की बातचीत
बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई। दोनों नेता सम्मेलन में अन्य राष्ट्राध्यक्षों के साथ मौजूद थे और ग्रुप फोटोग्राफी के बाद उनकी बातचीत का वीडियो भी सामने आया।
SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और भारत वर्ष 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना। इस संगठन में भारत, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान और मध्य एशिया के कई देश शामिल हैं। ऐसे में SCO भारत के लिए सुरक्षा, आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
पुतिन से मुलाकात में शांति पर जोर
SCO सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, बातचीत में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी प्रमुख रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम दुनिया में नई उम्मीद पैदा करता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब ‘Endless War’ से ‘End of War’ की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत शांति के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने गांधी और बुद्ध की भूमि से शांति और संवाद का संदेश देने की बात कही। भारत लगातार यह रुख रखता आया है कि जटिल अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।
पुतिन के साथ दिखी गर्मजोशी
पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भी देखने को मिली। बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार से वर्ल्ड नोमैड गेम्स के आयोजन स्थल के लिए रवाना हुए। दोनों नेताओं की यह मुलाकात इस वर्ष की पहली आमने-सामने की बैठक थी। इससे पहले दोनों की मुलाकात दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में हुई थी।
भारत और रूस के बीच ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, अंतरिक्ष और निवेश जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से रणनीतिक सहयोग रहा है। बिश्केक बैठक में भी दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
BRICS को लेकर भी अहम चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत की अध्यक्षता में होने वाले BRICS से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया है। भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग के अलावा बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों की साझेदारी को भी आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
कुल मिलाकर बिश्केक में हो रहा SCO सम्मेलन भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के साथ मजबूत संबंधों और शांति के लिए भारत का संदेश दोहराया, वहीं दूसरी ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत ने भी इस सम्मेलन को खास बना दिया है। आने वाले समय में SCO मंच से भारत की प्राथमिकताओं और वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी के रुख पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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