गिरिडीह के नगर भवन में निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ जिला स्तरीय जागरूकता workshop का आयोजन किया गया। workshop में उपायुक्त रामनिवास यादव और उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। नगर भवन में आयोजित workshop का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव और उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस दौरान अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही। उपायुक्त ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद करता है।
उन्होंने मीडिया को जागरूकता अभियान का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए ड्रग्स, गांजा, तंबाकू, गुटखा और अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले में एनसीओआरडी की नियमित बैठक कर नशे के खिलाफ अभियान की समीक्षा की जाती है।उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। वहीं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को समाज में जागरूकता फैलाने की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनिता कुजूर ने भी नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर नशामुक्ति अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार और टाउन थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह को सम्मानित किया गया। साथ ही सरस्वती आजीविका महिला समूह और खुशबू आजीविका महिला समूह को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। नशे के खिलाफ जन-जागरूकता को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए जिला प्रशासन ने समाज के हर वर्ग से इस अभियान में जुड़ने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता के बल पर ही नशामुक्त गिरिडीह का सपना साकार किया जा सकता है।
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