झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। मतदान में अब महज तीन दिन बचे हैं और दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इंडिया गठबंधन के पास जीत के लिए आवश्यक संख्या बल मौजूद है, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को भाजपा का समर्थन मिलने के बाद चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

भाजपा की ओर से राज्यसभा सांसद Deepak Prakash ने दावा किया है कि परिमल नाथवानी की जीत लगभग तय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि अपनी अंतरात्मा की आवाज के आधार पर निर्णय लेते हैं। दीपक प्रकाश ने वर्ष 2020 के राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी उन्हें अपेक्षा से अधिक वोट प्राप्त हुए थे और इस बार भी विधायक राज्यहित को प्राथमिकता देते हुए फैसला करेंगे।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर असंतोष है, जिसके कारण कांग्रेस नेतृत्व में बेचैनी दिखाई दे रही है। भाजपा का मानना है कि कई विधायक विकास और राज्यहित को ध्यान में रखते हुए परिमल नाथवानी के पक्ष में मतदान कर सकते हैं, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
वहीं कांग्रेस ने भाजपा के दावों को सिरे से खारिज करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री Subodh Kant Sahay ने कहा कि भाजपा की उत्सुकता राजनीतिक सौदेबाजी का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है, उसके पास पर्याप्त संख्या बल है और सभी विधायक गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं।
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