Jharkhand News: झारखंड की सियासत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बीजेपी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चल रहे कयासों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने पूर्ण विराम लगा दिया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि हेमंत सोरेन बीजेपी के साथ हाथ नहीं मिलाने वाले हैं। JMM ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से “झारखंड झुकेगा नहीं” का नारा देकर अपना रुख साफ कर दिया है।

जंजीरों में जकड़ा राजा, फिर भी सब पर भारी
JMM के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने इन अफवाहों का शायराना अंदाज में खंडन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हाथी घोड़े तोप तलवारें, फौज भी तेरी सारी है… जंजीरों में जकड़ा राजा मेरा, फिर भी सब पर भारी है।” सारंगी ने हेमंत सोरेन को सबसे मजबूत नेता बताते हुए कहा कि विपक्षी खेमा हर दिन नए शिगूफे छोड़ रहा है।
दिल्ली दौरे से उड़ी थी अफवाह
दरअसल, हाल ही में हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के दिल्ली दौरे को लेकर सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि उन्होंने वहां बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है। कयास लगाए जा रहे थे कि सोरेन पाला बदल सकते हैं, लेकिन JMM ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है।
अगले 20 साल सत्ता में नहीं आएगी बीजेपी
कुणाल सारंगी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि घाटशिला उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी “सरेंडर मोड” में है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी नेता यह जान चुके हैं कि अगले 20 साल तक वे झारखंड की सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगे, इसलिए भ्रम फैलाने के लिए रोज नई कहानियां गढ़ रहे हैं।
कांग्रेस ने भी बताया कोरी अफवाह
इधर, हिमाचल प्रदेश के मंडी में मौजूद झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी इन अटकलों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन का बीजेपी के साथ जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। यह केवल बीजेपी द्वारा राजनीतिक लाभ लेने के लिए फैलाया गया भ्रम है।





