धनबाद के झरिया में एक बार फिर भू-धंसान (Land subsidence) ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बस्ताकोला एरिया-9 अंतर्गत भगतडीह स्थित पुराने आरएसपी कॉलेज के पीछे कामिनी कल्याण क्षेत्र में शनिवार को अचानक जमीन खिसकने और भारी भू-धंसान (Land subsidence) से अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद इलाके के दर्जनों घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं, जिसके बाद डरे-सहमे परिवार घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे स्थानीय लोग क्षेत्र में हो रही हैवी ब्लास्टिंग को इस घटना का कारण बता रहे है। शनिवार को भगतडीह के कामिनी कल्याण क्षेत्र में अचानक तेज आवाज के साथ जमीन खिसकने लगी। देखते ही देखते कई मकानों की दीवारों और फर्श में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई, भू-धंसान (Land subsidence) की घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, प्रभावित परिवारों का कहना है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जा रही हैवी ब्लास्टिंग के कारण जमीन कमजोर हो रही है और लगातार कंपन से मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, प्रभावित मकानों में बिजय रवानी, रमेश रवानी, भोला रवानी, आशीष रवानी, गोबिंद सिंह, बिजय सिंह, बलराम रवानी, निरंजन रवानी, मानिक चंद रवानी और अजित रवानी समेत कई लोगों के घर शामिल है।
इस घटना ने इलाके के लोगों को वर्ष 2017 की भू-धंसान की घटना की याद भी दिला दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय आरएसपी कॉलेज परिसर को ट्रेंच कटिंग और संभावित खतरे को देखते हुए खाली कराया गया था। अब एक बार फिर उसी इलाके में जमीन खिसकने से लोगों की पुरानी आशंकाएं गहरा गई है..घटना से आक्रोशित रैयतों और प्रभावित परिवारों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की…मामले की सूचना मिलने पर बस्ताकोला एरिया के महाप्रबंधक एसके गायकवाड़ और धनबाद के मेयर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली..बस्ताकोला एरिया प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन मकानों में गंभीर दरारें आई हैं और जिनके क्षतिग्रस्त होने का खतरा अधिक है, वहां रहने वाले परिवारों को आसपास के खाली बीसीसीएल क्वार्टरों में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है…प्रबंधन ने प्रभावित लोगों से जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की भी अपील की है, ताकि नियमानुसार उन्हें राहत और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके..
घटनास्थल पर पहुंचे मेयर संजीव सिंह ने बताया कि भू-धंसान के कारण इलाके की कुछ पाइपलाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई है और निरीक्षण के बाद क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत कराई जाएगी…मेयर ने क्षेत्र में हो रही ब्लास्टिंग को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद ब्लास्टिंग पर रोक नहीं लगी तो बस्ताकोला एरिया के राजापुर प्रोजेक्ट को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी….. झरिया में भू-धंसान की यह घटना एक बार फिर कोयलांचल के भूगर्भीय खतरे की गंभीर तस्वीर पेश कर रही है…फिलहाल प्रशासन और बीसीसीएल की ओर से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं पूरे प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है…
READ ALSO – आदित्यपुर में सफाई व्यवस्था बेपटरी, कचरे के अंबार से लोग परेशान, पार्षदों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी





