लातेहार में डैम टुटने से किसान काफी परेशान (distressed) है, सरकार के द्वारा जल संरक्षण को लेकर कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। परंतु लातेहार जिले के सरयू प्रखंड अंतर्गत चाचू गांव का चेकडैम आज भी मरम्मत का इंतजार कर रहा है। लगभग 8 वर्ष पहले यह डैम भारी बारिश में टूट गया था। जिसे कारण ग्रामिणों को परेशानियों (distressed) का सामना करना पड़ रहा है। डैम टूटने से 500 एकड़ से अधिक भूमि सिंचाई से वंचित हो गए हैं दरअसल सरयू प्रखंड के चाचू गांव में एक बड़ा सा चेकडैम था। किवाड़ीघाट चेकडैम के नाम से प्रसिद्ध यह जलाशय ग्रामीणों के लिए लाइफलाइन हुआ करता था। डैम के कारण ग्रामीणों के 500 एकड़ से अधिक भूमि संचित होते थे। डैम के पानी के कारण सालों भर भूमि में नमी बनी हुई रखी थी। परंतु 8 वर्ष पूर्व भारी बारिश के कारण यह डैम ध्वस्त हो गया था। डैम ध्वस्त होने के कारण परेशान (distressed) ग्रामीणों के लगभग 100 एकड़ भूमि पूरी तरह बर्बाद हो गए, खेत में डैम का बालू भर गया, इस कारण यहां की मिट्टी पूरी तरह बलुआही हो गई। इधर डैम टूटे रहने के कारण बरसात के दिनों में पहाड़ से उतरने वाले पानी सीधे ग्रामीणों के खेतों को प्रत्येक वर्ष बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों के खेत में प्रत्येक वर्ष मिट्टी कटाव भी हो रहा है।

इधर डैम टूटने से ग्रामीण बुरी तरह परेशान हैं. स्थानीय ग्रामीण सुखदेव सिंह, आकांक्षी देवी, मोहम्मद इमरान आदि ने बताया कि वर्षों पहले यह डैम टूट गया है. कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई है। परंतु आज तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी. ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में पहाड़ से तेजी से पानी नीचे गिरते हैं और उनके खेतों को नुकसान पहुंचाते हैं, डैम की मरम्मत हो जाएगी तो जल संचय भी होगा और उनके खेत भी सुरक्षित रहेंगे, दूसरी और खेत में सिंचाई के साधन भी उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे सैकड़ो ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
इधर इस संबंध में सरयू प्रखंड के सांसद प्रतिनिधि विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को दी गई है. उन्होंने कहा कि यदि डैम की मरम्मत हो जाए तो निश्चित तौर पर पूरे इलाके के लिए सिंचाई का बेहतर साधन उपलब्ध हो जाएगा. इसके अलावा भूमि संरक्षण और जल संरक्षण भी होगा. उन्होंने कहा कि उनका प्रयास की जल्द ही इस चेक डैम की मरम्मत हो सके।
इधर इस संबंध में लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता किशुन मुंडा ने बताया कि मामले की जांच करवाई जाएगी. उन्होंने कहा कि जूनियर इंजीनियर को सर्वे करने का निर्देश दिया जा रहा है, सर्वे के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि चेक डैम की मरम्मत यथाशीघ्र कार्रवाई जाए।
इसे भी पढ़ेे- मोमबत्ती की रोशनी में प्रसव की तैयारी, परिजनों के हंगामे के बाद PHC में जड़ा ताला





