देश आज 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले वर्षों में देश में हुए विकास, गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, तकनीक, रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और युवाओं से जुड़े बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सरकार की आगे की प्राथमिकताओं का भी खाका सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए की और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी के 80वें वर्ष में देश नए संकल्पों और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ का भी विशेष उल्लेख हुआ। इस वर्ष पहली बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को प्रमुखता दी गई, जिसे समारोह का ऐतिहासिक क्षण माना गया।
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और विकास की रफ्तार का जिक्र करते हुए कहा कि देशवासियों के प्रयासों से भारत ने नई गति हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और भारत दुनिया की बड़ी तथा तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत करने में सफल रहा है।
उन्होंने कहा कि एक समय भारत को वैश्विक स्तर पर ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब देश ने अपनी आर्थिक क्षमता, आत्मविश्वास और विकास की गति को काफी मजबूत किया है।
रक्षा उत्पादन से लेकर मोबाइल निर्माण तक बढ़ी क्षमता
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पादन और तकनीकी क्षमता में हुई वृद्धि को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन में करीब चार गुना वृद्धि हुई है। खादी और ग्रामोद्योग के कारोबार में भी कई गुना विस्तार हुआ है, जबकि मोबाइल फोन उत्पादन में लगभग 33 गुना वृद्धि का उल्लेख किया गया।
उन्होंने डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों को भी देश की बदलती तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। प्रधानमंत्री के अनुसार डिजिटल ट्रांजैक्शन में लगभग 100 गुना वृद्धि हुई है, जबकि पेटेंट ग्रांट की संख्या भी कई गुना बढ़ी है।
हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर
पीएम मोदी ने गरीबों के लिए शौचालय और आवास निर्माण तथा घरों तक नल से जल पहुंचाने की रफ्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भी उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में हुई प्रगति के रूप में पेश किया।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव का दावा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उच्च शिक्षा के विस्तार को खास महत्व दिया। उन्होंने 2004 से 2014 के बीच और उसके बाद की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में करीब 650 नई यूनिवर्सिटी जोड़ी गई हैं। इसके चलते देश में विश्वविद्यालयों की कुल संख्या करीब 1,000 के आसपास पहुंच गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि उच्च शिक्षा के विस्तार का सीधा फायदा युवाओं को मिल रहा है। ज्यादा विश्वविद्यालयों और संस्थानों के कारण छात्रों के लिए पढ़ाई और करियर के विकल्प बढ़ रहे हैं।
भारत में विदेशी यूनिवर्सिटी की डिग्री का अवसर
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अब विदेशी विश्वविद्यालय भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इससे भारतीय छात्रों को विदेश गए बिना ही विदेशी विश्वविद्यालयों से शिक्षा और डिग्री हासिल करने का अवसर मिल सकेगा। सरकार की नई शिक्षा व्यवस्था में वैश्विक स्तर की शिक्षा को भारत में उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मेडिकल शिक्षा के विस्तार का भी जिक्र
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों की बढ़ती संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में मेडिकल शिक्षा के अवसरों का विस्तार हुआ है। अधिक मेडिकल संस्थानों और सीटों के विस्तार से डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए देश के भीतर ही अवसर बढ़ने की बात उन्होंने कही।
स्कूल स्तर पर इनोवेशन को बढ़ावा
पीएम मोदी ने स्कूली शिक्षा में तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स का भी जिक्र किया। देश में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए जाने की बात कही गई। इनका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही विज्ञान, तकनीक, प्रयोग और नए विचारों के प्रति रुचि पैदा करना है।
यानी शिक्षा को सिर्फ किताबों और परीक्षाओं तक सीमित रखने के बजाय बच्चों को नई चीजें बनाने, प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान खोजने के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप, युवाओं पर बड़ा फोकस
प्रधानमंत्री ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की तेजी से बढ़ती ताकत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में अब 2.5 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं। यह आंकड़ा भारत में युवाओं के बीच उद्यमिता और नए कारोबार शुरू करने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।
AI में युवाओं को तैयार करने का बड़ा लक्ष्य
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को भी खास जगह मिली। प्रधानमंत्री ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने की योजना की घोषणा की। इसका उद्देश्य भारत के युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना और AI के क्षेत्र में भारत की क्षमता को मजबूत करना है।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी दोहराया। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से मजबूत और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस बार के संबोधन में उन्होंने ‘सप्तधारा’ यानी विकास की सात धाराओं की रूपरेखा भी सामने रखी, जिसमें आर्थिक विकास, तकनीक, ऊर्जा, रणनीतिक क्षेत्रों और युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 80वें स्वतंत्रता दिवस का संबोधन पिछले वर्षों की उपलब्धियों को गिनाने के साथ-साथ आने वाले वर्षों के लिए भारत की दिशा तय करने पर केंद्रित रहा। शिक्षा, स्टार्टअप, AI, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रक्षा उत्पादन और बुनियादी ढांचे के जरिए युवाओं की क्षमता को देश के विकास से जोड़ने का संदेश इस भाषण में प्रमुख रूप से दिखाई दिया। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देशवासियों से नए संकल्प और सामूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।





