पुलिस ने ज़िला परिषद सदस्य और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के State President हंजेला शेख पर कारवाई करते हुए गिरफ़्तार किया गया है बता दें कि प्रधान ज़िला और सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे ने उनकी आपराधिक अपील खारिज कर दी और अदालत ने वारंट जारी करने के बाद State President हंजेला शेख को गिरफ्तार किया गया। मुफ़स्सिल पुलिस ने गिरफ़्तार State President हंजेला शेख को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में गिरफ्तारी को लेकर मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफ़िसर (SHO) गौरव कुमार ने सत्यापन किया है।

2019 में मुफ़स्सिल पुलिस स्टेशन में हंजेला शेख के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। यह FIR सब-इंस्पेक्टर बाबूवंशी साव के बयान के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। हंजेला शेख पर एक आरोप ये भी थी कि देश-विरोधी प्रचार फैलाना थे और धार्मिक उन्माद भड़काने का काम करते थे। इस मामले को GR केस नंबर 120/2020 के दर्ज किया गया है। सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (SDJM) निर्मल कुमार भारती की अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों और सबूतों के आधार पर 2023 में हंजेला शेख को दोष पाया और उन्हें तीन साल की कठोर सज़ा के साथ ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया।
हंजेला शेख ने SDJM के फ़ैसले के खिलाफ प्रधान ज़िला और सत्र न्यायाधीश की अदालत में आपराधिक अपील दायर की थी लेकिन अप्रैल में खारिज कर दिया गया। प्रधान ज़िला और सत्र न्यायाधीश की अदालत द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद हि SDJM की अदालत ने उनके ख़िलाफ़ सज़ा पर अमल के लिए वारंट जारी किया। मुफ़स्सिल पुलिस ने वारंट मिलने के बाद छापेमारी की और PFI के पूर्व राज्य अध्यक्ष और ज़िला परिषद सदस्य हंजेला शेख को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर प्रतिबंध लगने के बाद, हंजेला शेख सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया में शामिल हो गए। वर्तमान में, वह सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) के राज्य अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं।





