Supriyo भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला साथ हि शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली पर उठाया सवाल। बता दें कि रांची स्थित झामुमो के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में झामुमो के केंद्रीय महासचिव Supriyo भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली पर तीखा हमला बोला। Supriyo भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा की रोशनी हमेशा भारत से पूरी दुनिया तक पहुंची है,लेकिन वर्तमान समय में देश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति किसी से छिपी नहीं है।इसके लिए उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संरक्षण प्राप्त है।

Supriyo भट्टाचार्य ने कहा कि पहले यदि कोई छात्र अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होता था तो वह री-इवैल्यूएशन करा सकता था लेकिन अब स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि में NEET UG परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं हुई, जिसके कारण कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और दर्जनों विद्यार्थियों ने आत्महत्या तक कर ली।वही सीबीएसई की उत्तर पुस्तिका जांच OSM के नए पैटर्न को लेकर भी पूरे देश में आक्रोश है।
उन्होंने दावा किया कि रांची के एक 17 वर्षीय छात्र ने इस मूल्यांकन प्रणाली की खामियों को उजागर कर केंद्र सरकार की नीतियों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि गलती सरकार की नीतियों में है, लेकिन इसका खामियाजा निर्दोष विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तनाव नहीं लेने की सलाह देते थे, लेकिन जब पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं जैसे गंभीर मुद्दे सामने आ रहे है,तब उनकी चुप्पी समझ से परे है।सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा आरोप लगाया कि करीब 27 लाख विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार यह तय करने की कोशिश कर रही है कि कौन वोट देगा, उसी तरह अब यह भी तय किया जा रहा है कि कौन विद्यार्थी क्या पढ़ेगा। उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश इन गंभीर समस्याओं को अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने भावुक अंदाज में कहा अगर मारना ही है तो एक बार में मार दीजिए बच्चों को तिल-तिल कर मत मारिए। उन्होंने पुनः मांग दोहराई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए।





