महेशबाथन में तीर्थयात्रियों से पार्किंग और नहाने की सुविधाओं के लिए पैसे मांगने की शिकायतों पर TV45 की रिपोर्ट का बड़ा असर हुआ है। TV45 ने इस मुद्दे को एक दिन पहले ही प्रमुखता से उठाया था। TV45 रिपोर्ट के बाद प्रशासन हरकत में आया और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) ने स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) के साथ मौके का दौरा किया। अधिकारियों ने जगह का निरीक्षण किया, मामले की जानकारी ली और इसमें शामिल लोगों से पूछताछ की। दौरे के दौरान, कुमिरदाहा पंचायत के मुखिया खुदीराम मोहाली को इस मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने कहा कि पंचायत भवन के पीछे वाले इलाके से ऐसी गंभीर शिकायतें आना वह भी मुखिया की जानकारी के बिना घोर लापरवाही का मामला माना जाएगा। उन्होंने साफ किया कि पंचायत प्रतिनिधियों को अपने अधिकार क्षेत्र में हो रही ऐसी गतिविधियों की जानकारी होनी चाहिए।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में तीर्थयात्रियों से अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायतें दोबारा आती हैं, तो मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जांच के दौरान सरकारी हैंडपंप और बोरवेल से जुड़े मुद्दे भी सामने आए। प्रशासन ने साफ किया कि सरकारी सुविधाओं या अन्य सेवाओं के नाम पर किसी से भी अवैध रूप से पैसे वसूलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पार्किंग, नहाने, पानी या किसी अन्य सुविधा के लिए तीर्थयात्रियों से अवैध रूप से पैसे वसूलते पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर ने कहा कि महेशबाथन आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी; इसके लिए एक प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। एक बार ये सुविधाएं शुरू हो जाने के बाद, इनके रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायत की होगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और पार्किंग, नहाने या अन्य सुविधाओं के लिए अवैध फीस वसूलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि TV 45 ने एक दिन पहले ही महेशबाथन में पार्किंग और नहाने के लिए तीर्थयात्रियों से पैसे मांगने की कथित शिकायतों को प्रमुखता से उठाया था। रिपोर्ट के प्रसारण के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर जाकर निरीक्षण किया। प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि तीर्थयात्रियों से किसी भी तरह की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि पानी, साफ-सफाई की सुविधाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएंगे। अब सवाल यह है कि अवैध वसूली की शिकायतों की जांच से क्या तथ्य सामने आएंगे, और अगर शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
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