भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने झारखंड की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कानून व्यवस्था, पुलिस की कार्रवाई और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बयानों को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

मामला झारखंड के सदर अस्पताल में हुए तोड़-फोड़ को लेकर है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी नेताओं पर लोगों को उकसाने, पैसे का लालच और अपनी राजनीति चमकाने के लिए अस्पताल में तोड़फोड़ के लिए प्रोत्साहित करने करने का आरोप लगाया था।
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि सोमवार सुबह करीब पांच बजे जामताड़ा भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित सिंह सरण के घर पर पुलिस ने छापेमारी की। उनका कहना था कि पुलिस ने जिस तरह घर को घेरा उससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसी बड़े अपराधी की तलाश की जा रही हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और घर के सदस्यों के मोबाइल फोन भी बंद करवा दिए गए।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि एक महिला की मौत के मामले में पार्टी के नेतृत्व में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उनका दावा है कि जब इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, तब पुलिस को अपने रुख में बदलाव करना पड़ा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के उस आरोप पर भी सवाल उठाया, जिसमें अस्पताल में तोड़फोड़ की बात कही गई थी। पार्टी ने कहा कि यदि वास्तव में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की है तो अस्पताल के CCTV फुटेज सार्वजनिक किए जाएं और यह बताया जाए कि नुकसान कहां हुआ।
पिछले हफ्ते जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान एक 22 वर्षीय गर्भवती रीना देवी और उनके नवजात की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों पर अस्पताल में तोड़फोड़ का आरोप लगाया गया था और 8 बीजेपी नेताओं सहित कई लोगों पर FIR दर्ज की गई थी।
बीजेपी का यह भी दावा है कि पूरे मामले की जानकारी देने के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच जवाबदेही तय करने और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
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