झारखंड के दुमका जिले के रानीश्वर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। लगातार हो रही बारिश के बीच धनभाषा पंचायत के लाडूलिया गांव में खेत में काम कर रहे 18 वर्षीय युवक की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।


मृतक की पहचान राजकुमार हांसदा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजकुमार सोमवार सुबह रोजी-रोटी कमाने के लिए खेत में काम करने गया था। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और वह उसकी चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
परिवार का इकलौता कमाने वाला था राजकुमार
बताया जा रहा है कि राजकुमार अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में वृद्ध मां और एक बहन हैं, जिनकी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
ग्रामीणों ने की सरकारी सहायता और मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। घटना की सूचना अंचल अधिकारी और रानीश्वर थाना पुलिस को भी दे दी गई है। प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बारिश के दौरान बरतें सावधानी
लगातार हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर ही रहें।
झारखंड में हर साल वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) से औसतन 200 से 350 लोगों की मौत हो जाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में राज्य में वज्रपात से 2,400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वज्रपात से मरने वालों में 60 से 70 फीसदी ग्रामीण होते हैं जो खेतों में काम करते हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा नुकसान जनजातीय (आदिवासी) आबादी को उठाना पड़ता है।





