ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी के नए नेता Andy Burnham ने यूनाइटेड किंगडम के 59वें प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर और ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ के नाम से मशहूर बर्नहैम ने बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात कर नई सरकार बनाने का औपचारिक निमंत्रण स्वीकार किया। इसके साथ ही ब्रिटेन को पिछले एक दशक में अपना सातवां प्रधानमंत्री मिल गया।

निर्विरोध चुने गए लेबर पार्टी के नेता
एंडी बर्नहैम को पिछले सप्ताह लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया। लंदन में आयोजित पार्टी के विशेष सम्मेलन में लेबर पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी (NEC) की चेयर शबाना महमूद ने उनके नाम की घोषणा की। नेतृत्व की दौड़ में बर्नहैम अकेले उम्मीदवार थे और उन्हें हाउस ऑफ कॉमन्स में लेबर पार्टी के 403 सांसदों में से 379 सांसदों का समर्थन मिला।
पार्टी के नियमों के अनुसार किसी भी उम्मीदवार को नेतृत्व की दौड़ में शामिल होने के लिए कम से कम 20 प्रतिशत सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है। बर्नहैम ने यह आंकड़ा आसानी से पार कर लिया और निर्विरोध पार्टी प्रमुख चुने गए।
प्रधानमंत्री बनते ही नई राजनीति का दिया संदेश
प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद एंडी बर्नहैम ने देश में नई राजनीतिक संस्कृति लाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राजनीति को “कम जहरीला” बनाएगी, लोगों के जीवन स्तर में सुधार करेगी और देश में खो चुकी उम्मीद को वापस लाने का प्रयास करेगी।
अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा कि यह बदलाव पिछले 40 वर्षों में ब्रिटेन की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण क्षण है। उनका लक्ष्य देश को अधिक किफायती बनाना, क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना और यूके के हर हिस्से इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के लिए समान रूप से काम करना है।
रिफॉर्म यूके की चुनौती से निपटना होगी प्राथमिकता
बर्नहैम के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती लोकलुभावन पार्टी रिफॉर्म यूके के बढ़ते प्रभाव को रोकना होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी सरकार को आर्थिक सुधारों के साथ-साथ जनता का भरोसा दोबारा जीतने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
स्टार्मर ने कहा ‘मेरा काम पूरा हो गया है’
प्रधानमंत्री पद छोड़ने से पहले कीर स्टार्मर ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट से देश को अंतिम बार संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मेरा काम पूरा हो गया है।” इसके बाद उन्होंने किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात कर औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया। स्टार्मर ने अपने संबोधन में एंडी बर्नहैम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अपने उत्तराधिकारी पर पूरा भरोसा है और वे उन्हें पूरा समर्थन देते हैं।
बिना आम चुनाव बदला प्रधानमंत्री
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था के तहत सत्तारूढ़ पार्टी आम चुनाव कराए बिना भी अपना नेता बदल सकती है और वही नेता प्रधानमंत्री बन जाता है। इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत एंडी बर्नहैम ने प्रधानमंत्री पद संभाला है। अगला आम चुनाव 2029 तक कराने की कोई संवैधानिक बाध्यता नहीं है, हालांकि नई सरकार चाहे तो उससे पहले भी चुनाव करा सकती है।
अगस्त में करेंगे ‘लिसनिंग टूर’
प्रधानमंत्री बनने के बाद एंडी बर्नहैम संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान पूरे ब्रिटेन का ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करेंगे। इस दौरान वे विभिन्न शहरों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। उनके कार्यक्रम में दक्षिण वेल्स का पोर्ट टैलबोट भी शामिल हो सकता है, जहां स्टील उद्योग में बड़े पैमाने पर रोजगार प्रभावित हुआ था।
सरकार गठन और शुरुआती प्राथमिकताएं
प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद बर्नहैम अपनी नई कैबिनेट का गठन करेंगे। इसमें चांसलर, विदेश सचिव, गृह सचिव समेत वरिष्ठ मंत्रियों की नियुक्ति होगी। उनकी सरकार के शुरुआती एजेंडे में महंगाई से राहत, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक पुनर्गठन प्रमुख मुद्दे होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका पहला बड़ा प्रशासनिक फैसला टेम्स वाटर को विशेष प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लाकर उसके पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करना हो सकता है।
स्टार्मर ने क्यों दिया इस्तीफा?
कीर स्टार्मर ने जून में प्रधानमंत्री पद छोड़ने की घोषणा की थी। स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के कमजोर प्रदर्शन और पार्टी के भीतर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। हालांकि अपने कार्यकाल के अंतिम संबोधन में उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, गरीबी कम करने, रक्षा खर्च बढ़ाने और प्रशासनिक सुधारों को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।
एंडी बर्नहैम के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही ब्रिटेन की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि वह अपने वादों को किस तरह जमीन पर उतारते हैं और बदलते राजनीतिक माहौल में ब्रिटेन को किस दिशा में ले जाते हैं।
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