कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को संसद मार्च निकाला जिससे राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक संसद भवन के बेहद करीब तक पहुंच गए जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद भवन में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मौजूदा हालात और प्रदर्शन को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दो दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी लेकिन पार्टी ने तय कार्यक्रम के अनुसार संसद मार्च जारी रखा। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के कारण संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। सीआईएसएफ ने संसद के गेट नंबर-1 को बंद कर दिया जबकि दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई।
प्रदर्शन का असर दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। डीएनडी फ्लाईवे और नोएडा-दिल्ली मार्ग पर सुरक्षा जांच के चलते लंबा जाम लग गया जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस विरोध मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और न ही प्रशासन की ओर से इसकी इजाजत दी गई थी। मानसून सत्र को देखते हुए नई दिल्ली में धारा 163 लागू कर दी गई है जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर रोक है। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है।
पुलिस ने आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं CJP ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के टकराव से बचने की अपील करते हुए कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।
खबर लिखे जाने तक संसद भवन के आस-पास स्थिति सामान्य है। कनॉट प्लेस से भी प्रदर्शनकारियों को हटाया गाय है। गृह सचिव के साथ दिल्ली के पुलिस कमिश्नर की मीटिंग जारी है। वहीं दूसरी ओर माना जा रहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों का दावा है कि सरकार की ओर से ही उनसे संपर्क साधा गया था और उसके बाद ही बातचीत की गई। इस बातचीत का क्या निष्कर्ष निकला है फिलहाल इसका खुलासा नहीं किया गया है।
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