दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज कार्रवाई पर झारखंड के डुमरी विधायक एवं जेएलकेएम (JLKM) प्रमुख जयराम महतो ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के भविष्य कहे जाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

जयराम महतो ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग केवल इतनी है कि सरकार उनसे संवाद करे और यदि पूरे मामले में किसी मंत्री की जवाबदेही बनती है तो उसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग नहीं की है बल्कि सरकार से बातचीत कर उनकी बात सुनने की अपेक्षा जताई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश दौरों पर “मेलोडी” लेकर जा सकते हैं, लेकिन संसद से जंतर-मंतर की कुछ ही मिनटों की दूरी पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने का समय उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनशीलता और छात्रों के प्रति उसके रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भाजपा पर हमला बोलते हुए जयराम महतो ने कहा कि यदि पार्टी वास्तव में लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है तो उसे केवल जेपीएससी जैसे मुद्दों पर ही नहीं बल्कि अपनी ही सरकार के खिलाफ भी छात्रों के हित में आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीट (NEET) जैसे मामलों में छात्रों के समर्थन में खड़ा होना किसी राजनीतिक दल को छोटा नहीं बनाता बल्कि लोकतंत्र और युवाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाले।
Also Read- वन क्षेत्रों का एक माह में तैयार हो डिजिटल रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन





