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JPSC विवाद पर सियासी घमासान, प्रशासन ने JPSC कार्यालय का घेराव करने से भाजयुमो को रोका, रांची में हाई अलर्ट

On: July 22, 2026 12:44 PM
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JPSC विवाद पर सियासी घमासान, प्रशासन ने JPSC कार्यालय का घेराव करने से भाजयुमो को रोका, रांची में हाई अलर्ट
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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर राज्य में सियासी माहौल गर्म है। इसी मुद्दे पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का रांची स्थित JPSC कार्यालय का घेराव की कोशिश नाकाम। प्रशासन ने रास्ते में ही प्रदर्शनकारियों को रोका। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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JPSC कार्यालय के चारों ओर कड़ा सुरक्षा घेरा

प्रदर्शन के मद्देनजर JPSC कार्यालय की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है। कार्यालय परिसर के आसपास अतिरिक्त जिला पुलिस बल के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है ताकि प्रदर्शनकारी परिसर के भीतर प्रवेश न कर सकें और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पूरी कार्रवाई संयम और धैर्य के साथ करें।

भाजयुमो का आरोप “युवाओं के भविष्य से हुआ खिलवाड़”

भाजयुमो का आरोप है कि हाल ही में आयोजित JPSC परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितताएं हुई हैं, जिससे हजारों योग्य और मेधावी अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। संगठन ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं के रांची पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है ताकि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

जांच में बड़ा एक्शन, TDPL कार्यालय सील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सीआईडी और रांची पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए कुल आठ ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्सिंग एजेंसी TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) के कार्यालय को सील कर दिया गया। जांच एजेंसियों ने वहां से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, डिजिटल उपकरण और कई संदिग्ध पेन ड्राइव जब्त किए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि मेरिट लिस्ट और डेटा एंट्री में किसी प्रकार की हेराफेरी की पुष्टि की जा सके।

पूर्व परीक्षा नियंत्रक समेत कई लोग हिरासत में

जांच के क्रम में JPSC की पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

चेयरमैन के इस्तीफे की चर्चा

इसी बीच JPSC के चेयरमैन एल. खियांग्ते के इस्तीफे की खबर भी सामने आई है। हालांकि अब तक उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।

सरकार का दावा “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस”

पूरे घटनाक्रम के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता धीरज दुबे ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है। उनके अनुसार, केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि राज्य का पूरा प्रशासनिक तंत्र हाई अलर्ट पर है। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो सीआईडी औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

पूरे मामले पर सबकी नजर

एक ओर जांच एजेंसियां परीक्षा से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर आज होने वाले भाजयुमो के प्रदर्शन पर पूरे राज्य की नजर टिकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच से क्या नए तथ्य सामने आते हैं और सरकार परीक्षा विवाद में आगे क्या कदम उठाती है।

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