त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ के निधन की खबर ने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों को स्तब्ध कर दिया है। तीन दशक से अधिक समय तक पुलिस सेवा में रहे वरिष्ठ IPS अधिकारी के अचानक निधन से उनके सहयोगियों, प्रशासनिक अधिकारियों और परिचितों में गहरा शोक है। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

30 साल से अधिक का रहा शानदार पुलिस करियर
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव से संबंध रखने वाले अनुराग धनखड़ 1995 बैच के IPS अधिकारी थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत त्रिपुरा में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) के रूप में की थी। लंबे अनुभव और बेदाग सेवा रिकॉर्ड के दम पर वे राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) बने।
उनकी कार्यशैली और सादगी की अक्सर चर्चा होती थी। वे अपनी वर्दी पर केवल अनुराग लिखते थे और आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उनका नाम सिर्फ अनुराग दर्ज था। यह उनकी अलग पहचान मानी जाती थी।
केंद्र और त्रिपुरा दोनों में निभाई अहम जिम्मेदारियां
अनुराग धनखड़ ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा त्रिपुरा में बिताया और राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे करीब 16 वर्षों तक त्रिपुरा में विभिन्न जिम्मेदारियों पर रहे।
इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई, सीआईएसएफ और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) में भी अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2003-04 के दौरान वे कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन का भी हिस्सा रहे।
उनकी साफ-सुथरी छवि और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए वर्ष 2025 में उन्हें त्रिपुरा का DGP नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल अगले वर्ष तक निर्धारित था।
बागपत से लेकर झज्जर तक शोक की लहर
अनुराग धनखड़ का पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का बिहारीपुर है, जबकि उनके परिवार की मूल जड़ें हरियाणा के झज्जर जिले के **ग्वालिसन गांव** से जुड़ी हैं।
उनके निधन की खबर के बाद बागपत, झज्जर और उनके साथ काम कर चुके अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों में उनके साथ कार्य कर चुके कई अधिकारियों ने उनके निधन पर दुख जताया।
परिवार में कौन-कौन हैं?
अनुराग धनखड़ तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे।
बड़े भाई भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं और दिल्ली के द्वारका में रहते हैं।
छोटे भाई उत्तर प्रदेश के बड़ौत में रहते हैं।
घटना के समय उनकी मां भी बड़ौत में थीं।
उनका एक बेटा कनाडा में रहता है, जिसकी जल्द शादी होने की चर्चा परिवार के करीबी लोगों ने की है।
उनकी पत्नी भी घटना के समय कनाडा में थीं।
मौत के कारणों की जांच जारी
अनुराग धनखड़ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच त्रिपुरा पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
जांच एजेंसियों का कहना है कि मौत के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इस बीच विपक्ष ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
त्रिपुरा सरकार ने घोषित किया राजकीय शोक
अनुराग धनखड़ के निधन पर त्रिपुरा सरकार ने 21 जुलाई को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा और सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम स्थगित किए गए।
मुख्यमंत्री माणिक साहा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया। कैबिनेट ने उन्हें एक समर्पित, ईमानदार और दूरदर्शी पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि राज्य ने एक कुशल प्रशासक और जनसेवा के प्रति समर्पित अधिकारी को खो दिया है।
पूरे मामले पर टिकी हैं निगाहें
अनुराग धनखड़ के निधन ने कई सवाल खड़े किए हैं, लेकिन फिलहाल किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही हैं। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
Also Read- झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: 49 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी





