जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में भाजपा की ओर से पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में निकाली गई रैली और प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदर्शन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के पलामू जिला अध्यक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक दिखावा करार दिया है।
जेएमएम जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा छात्र हित के नाम पर अनावश्यक हंगामा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के प्रदर्शन में वास्तविक छात्र कम और बाहर से लाए गए लोगों की संख्या अधिक थी। हालांकि, यह भाजपा के प्रदर्शन को लेकर जेएमएम की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा से जुड़े मामलों को लेकर राज्य सरकार गंभीर है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार के लिए छात्रों का भविष्य और उनके हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपना बताते हुए उन्होंने कहा कि इनमें हमारे भी बेटे-बेटियां हैं और वे भी छात्र हैं। ऐसे में सरकार किसी भी स्तर पर छात्रों के भविष्य के साथ समझौता नहीं कर सकती।
जेएमएम जिला अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों के साथ हर मोर्चे पर खड़ी है। सरकार परीक्षा से संबंधित शिकायतों और आरोपों को गंभीरता से ले रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने भाजपा से अपील की कि छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय जांच प्रक्रिया पर भरोसा किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा में कथित धांधली का मुद्दा फिलहाल पलामू की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। भाजपा के प्रदर्शन और जेएमएम की प्रतिक्रिया के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।







