झारखंड सरकार राज्य की महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। राज्य में जल्द ही ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू की जाएगी। इस योजना के माध्यम से महिला किसानों को समेकित खेती से जोड़ने के साथ उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
इसी योजना को लेकर रांची के नेपाल हाउस स्थित सभागार में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने की। इसमें विभाग के सचिव, विशेष सचिव, सभी निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में योजना के स्वरूप और इसके क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें लाभार्थियों के चयन, समेकित खेती के मॉडल, सरकारी सहायता, लाभुक अंशदान और योजना को आगामी दिनों में मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करने जैसे विषय प्रमुख रहे।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ राज्य की महिला किसानों के लिए एक फ्लैगशिप योजना बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले राज्य स्तर पर विभिन्न संस्थाओं, विशेषज्ञों और महिला किसानों के साथ बैठक कर उनके सुझाव एवं अनुभव लिए गए थे। इन्हीं सुझावों को ध्यान में रखते हुए योजना का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि योजना में समेकित खेती को मुख्य आधार बनाया गया है, ताकि महिला किसान केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी अपनी आमदनी बढ़ा सकें। योजना के तहत महिला किसानों को खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी है।
कृषि मंत्री ने कहा कि विभागीय स्तर पर योजना के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। सभी जरूरी बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद इसे जल्द ही मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि समेकित खेती के माध्यम से किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा सकते हैं। विशेष रूप से महिला किसानों को कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी से जोड़कर उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट उद्देश्य राज्य में समेकित खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय तथा आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में तैयार की जा रही है।
योजना लागू होने के बाद महिला किसानों को कृषि आधारित विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर उन्हें अधिक मजबूत आजीविका का अवसर देने की उम्मीद है। अब सभी की नजरें मंत्रिपरिषद की मंजूरी और योजना के औपचारिक रूप से लागू होने पर टिकी हैं।







