विधानसभा समिति की बैठक में शामिल होने के लिए जमशेदपुर पश्चिम के MLA Saryu Roy धनबाद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। NEET परीक्षा पेपर लीक मामले में कांग्रेस द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर MLA Saryu Royने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक गलती हुई है कि पेपर लीक हुआ, लेकिन अब जरूरी है कि दोबारा हो रही परीक्षा शांतिपूर्ण और बेहतर तरीके से संपन्न हो। सिर्फ इस्तीफे की मांग करना तर्कसंगत नहीं है। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी MLA Saryu Roy ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में सिर्फ भवन बनाए जा रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में दवा और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। लोगों को मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। PHC और CHC की स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब विधानसभा में भी सवालों के जवाब सही तरीके से नहीं दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस के समर्थन के बिना सरकार चलाने के सुझाव पर सरयू राय ने कहा कि यह मुख्यमंत्री के निर्णय पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि जो प्रस्ताव था, वह मुख्यमंत्री के सामने रखा गया है, स्वीकार करना या नहीं करना उनका फैसला है।
सरकार में JMM या कांग्रेस किसकी चल रही है, इस सवाल पर सरयू राय ने कहा कि जिस विभाग के पास जो जिम्मेदारी है, वहां उसी की भूमिका है। उन्होंने कहा कि नौकरशाही और मंत्रियों के बीच तालमेल की कमी से परेशानी हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग समेत कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राज्यसभा चुनाव को लेकर सरयू राय ने कहा कि झारखंड में अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई अमीर उम्मीदवार मैदान में आता है तो लोगों का रुख बदल जाता है। उन्होंने महागठबंधन सरकार की तुलना नारंगी से करते हुए कहा कि बाहर से एक दिखती है, लेकिन अंदर से अलग-अलग है।
वहीं NDA की सरकार बनने की संभावना पर उन्होंने कहा कि झारखंड में NDA की सरकार तभी संभव है जब JMM और बीजेपी दोनों साथ आए।
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