राधा कृष्ण किशोर ने बैंकरों के साथ की समीक्षा बैठक की और साथ ही क्रेडिट-डिपॉजिट शाखा विस्तार को लेकर चर्चा किया। वित्त वाणिज्यिक कर,योजना एवं विकास और संसदीय कार्य राज्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैंकरों की समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न बैंकों के प्रदर्शन क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात शाखा विस्तार वार्षिक ऋण योजना और सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं की प्रगति के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में जिला मजिस्ट्रेट-सह-उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के साथ-साथ विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय SLBC और जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।

राधा कृष्ण किशोर ने बैठक के दौरान माननीय मंत्री ने जिले के वर्तमान CD अनुपात पर चिंता व्यक्त की जो 36 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि पिछली समीक्षा बैठक के दौरान यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था। हालांकि पिछले चार महीनों में इसमें वृद्धि होने के बजाय गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैंकों की जिम्मेदारी केवल जमा बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि इसमें स्थानीय स्तर पर ऋण के प्रवाह को बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी शामिल है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन बैंकों में सरकारी धन रखने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा जो लगातार खराब CD अनुपात प्रदर्शित करते हैं।
राधा कृष्ण किशोर ने सभी बैंकों की जमा राशि ऋण वितरण और लक्ष्यों के मुकाबले उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए,माननीय मंत्री ने प्रत्येक बैंक के प्रदर्शन का व्यक्तिगत रूप से मूल्यांकन किया। साथ ही कृषि, स्वरोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राधा कृष्ण किशोर ने बैठक के दौरान जिले के बैंकिंग नेटवर्क की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में वर्तमान में विभिन्न बैंकों की कुल 145 शाखाएं कार्यरत हैं। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। जिले में केवल एक या सीमित संख्या में शाखाएं रखने वाले बैंकों से आग्रह किया गया कि वे अपने शाखा नेटवर्क के विस्तार पर गंभीरता से विचार करें। उन्होंने कहा कि पलामू एक ‘आकांक्षी जिला’ है और इसके समग्र विकास में बैंकिंग संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंकों को केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि अपने सामाजिक और विकासात्मक दायित्वों का भी समुचित ध्यान रखते हुए कार्य करना चाहिए।
इसके अलावा राधा कृष्ण किशोर ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से संबंधित लंबित आवेदनों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, और इस बात पर जोर दिया कि पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना बैंकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा, वार्षिक ऋण योजना, बकाया अग्रिमों अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए ऋण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, बैंक मित्र (BC) नेटवर्क और सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला मजिस्ट्रेट-सह-उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बैंकों से प्रभावी समन्वय स्थापित करने और वित्तीय समावेशन पहलों, स्वरोजगार कार्यक्रमों तथा जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में अपना सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। बैठक में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच बढ़ाने ऋण वितरण में सुधार करने और सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
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