झारखंड की राजधानी रांची में children missing होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।अंश अंशिका के लापता होने के बाद से प्रकाश में आया यह मामला धीरे-धीरे कई ऐसे children missing होने की सूचना मिलने लगी इसमें कुछ बच्चों को पुलिस ने बरामद किया तो कुछ वापस अपने घर लौट आए लेकिन इस बीच 9 मई 2026 को कोकर से लापता हुई अदिति पांडे का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया। महज 18 माह की यह बच्ची का अब तक कोई भी सूचना या जानकारी पुलिस या उनके परिवार वालों तक नहीं आ पाई। अभी लोग तलाश कर रहे हैं की इतनी छोटी बच्ची कहां चली गई। 9 मई को लापता होने के बाद 10 मई को यह मामला प्रकाश में आने के बाद 11 मई से NDRF और नगर निगम की टीम घर के पास वाले नाले में तलाश करना शुरू कर दी। 11 मई को ही पुलिस प्रशासन ने children missing की जानकारी देने वाले को 50 हजार के इनाम राशि की घोषणा की।

11 मई के शाम को भाजपा का प्रतिनिधिमंडल बच्ची के परिवार वालों से मिलने जाता है। सरकार और प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते है। इस प्रतिनिधि मंडल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और रांची विधानसभा विधायक सीपी सिंह मौजूद थे।12 मई को जब NDRF और नगर निगम की टीम घर के पास स्थित नाले की शर्च करते हुए गाड़ी गांव और लोआडीह के पास पहुंचती है तो एक मांस के अवशेष मिलते है जिससे आशंक जाती है कि यह अवशेष उसी बच्ची के है। परिवार वालों को बुलाया जाता है, अवशेष देख परिवार वाले इससे इनकार करते है। इसे डीएनए जांच के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। वही यह घटनाक्रम चल ही रहा था कि इस बीच फ्रॉड कॉल वाले भी एक्टिव होते हैं और परिवार वालों को एक तस्वीर दिखाकर कहते हैं की बच्ची हमारे पास है। हालाकि बच्ची उनके पास नहीं होती है लेकिन वह फ्रॉड करने में कामयाब होते हैं और कुछ पैसों की ठगी भी कर लेतेहैं।
बच्ची का सुराग न मिलने पर स्थानीय लोगों और परिजनों ने कोकर चौक के समीप विरोध प्रदर्शन किया। 20 मई को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सदर थाने का घेराव कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। लालपुर चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक परिवार वाले स्थानीय और हिंदू संगठन के लोगों ने शांतिपूर्ण मार्च भी निकाला। लापता के 16 दिन बाद अदिति पांडेय के बारे में ठोस जानकारी देने या उसे खोजने वाले को रांची पुलिस द्वारा ₹1 लाख का इनाम देने की घोषणा की गई। अब 50 हजार से राशि बढ़ा कर 1 लाख कर दिया गया। इसके बाद भी बच्ची नहीं मिली।
JLKM सुप्रीमो जयराम महतो परिवार वालों से मिलते है और प्रशासन के अधिकारियों फोन पर फटकार के साथ ही 24 घंटे का समय देते है नहीं तो सड़कों पर उग्र आंदोलन होगा!! फिर अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन भी देखने को मिला लेकिन बच्ची नहीं मिली।
4 जून को झारखंड के राज्यपाल ने घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को त्वरित खोजबीन के सख्त निर्देश दिए। अब प्रशासन ने अदिति का जानकारी देने वाले का इनाम राशि बढ़ाकर 2.5 लाख कर दिया गया। अब सूत्रों की जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक नए और बड़े सर्च ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट का भी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
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