जमशेदपुर शहर में ठेका प्रथा के तहत कार्यरत सफाई कर्मियों के हक और अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग को लेकर यूथ इंटक ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को यूथ इंटक की ओर से उप श्रमायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने सफाई कर्मियों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए उनके लिए 30 दिनों का वेतन, न्यूनतम मजदूरी का भुगतान और अन्य बुनियादी अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की। धरने के माध्यम से श्रम विभाग का ध्यान ठेका प्रथा के तहत काम करने वाले सफाई कर्मियों की समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया गया।
सफाई कर्मियों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग
यूथ इंटक की ओर से आयोजित इस धरने में ठेका प्रथा के तहत कार्यरत सफाई कर्मियों को उनके श्रम के अनुरूप उचित पारिश्रमिक देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना है कि सफाई कर्मी शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनके वेतन और बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।धरने के दौरान सफाई कर्मियों को पूरे 30 दिनों का वेतन उपलब्ध कराने तथा न्यूनतम मजदूरी के प्रावधानों के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके साथ ही कर्मियों को उनके अन्य बुनियादी श्रम अधिकारों का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया। संगठन ने श्रम विभाग से इन मुद्दों पर हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
श्रम विभाग से हस्तक्षेप की अपील
धरने का नेतृत्व कर रहे यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष सत्यम सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से श्रम विभाग का ध्यान सफाई कर्मियों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा के तहत काम करने वाले सफाई कर्मियों के अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है। उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।सत्यम सिंह ने कहा कि सफाई कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में योगदान देते हैं। ऐसे में उनके वेतन और अन्य बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने श्रम विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए सफाई कर्मियों को उनका उचित हक दिलाने की दिशा में पहल करने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
यूथ इंटक ने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन गंभीर है और उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करेगा। संगठन ने उम्मीद जताई कि श्रम विभाग इस मामले में आवश्यक पहल करते हुए समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।वहीं, प्रदेश अध्यक्ष सत्यम सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सफाई कर्मियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यूथ इंटक आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि संगठन सफाई कर्मियों के हक और अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा।
फिलहाल, यूथ इंटक के इस धरने के जरिए ठेका प्रथा के तहत कार्यरत सफाई कर्मियों के वेतन और श्रम अधिकारों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि श्रम विभाग की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और सफाई कर्मियों को उनका अपेक्षित लाभ कब तक मिल पाता है।







