NEET UG का रिजल्ट जारी हो चुका है, झारखंड में लगभग 19,000 से अधिक छात्र सफल हुए हैं, बता दें कि इस रिजल्ट में गोड्डा जिले के रिंकी कुमारी (Rinki Kumari) ने अपना परचम लहराया है, गोड्डा जिले के ललमटिया की रहने वाली रिंकी कुमारी (Rinki Kumari) ने NEET UG परीक्षा में 23043वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। बता दें कि रिंकी (Rinki Kumari) का सफर इतना असान नहीं था इस पहले रिंकी(Rinki Kumari) दो बार असफल हुई है जिसके इस बार NEET UG में सफल होकर रिंकी ने सफल होकर यह साबित कर दिया कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती है, लगातार दो बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की।

रिंकी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एंग्लो इंडियन स्कूल, मोहनपुर से प्राप्त की। वर्ष 2019 में दसवीं तथा 2021 में रांची के उर्सुलिन इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की।रिंकी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 और 2025 में भी NEET परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से प्रतिदिन 8 से 10 घंटे सेल्फ-स्टडी की और इस बार परीक्षा में सफलता प्राप्त की। रिंकी का लक्ष्य नेत्र रोग विशेषज्ञ (आई स्पेशलिस्ट) बनकर लोगों की सेवा करना है। उनके पिता अशोक साह समाजसेवी हैं, जबकि माता अनीता देवी गृहिणी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, गांव और जिले में खुशी का माहौल है। रिंकी की सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
अगर इसी बीच बात करे तो नेहा कुमारी (Neha Kumari ) NEET परीक्षा में 41,235वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है। ये बात सच है कि सपना को हक्कित बनने देर नहीं लगती जब सपने को मेहनत की हवा दी जाए,कहा जाता है कि अगर हौसलों में उड़ान हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो सीमित संसाधन और मुश्किलें भी आपका रास्ता नहीं रोक सकतीं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है देवघर जिले के सारठ प्रखंड अंतर्गत खखंडा गांव की नेहा कुमारी (Neha Kumari ने , नेहा (Neha Kumari ने NEET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नेहा ने NEET परीक्षा में 41,235वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है।
नेहा की यह सफलता इसलिए भी बेहद खास और प्रेरणादायक है, क्योंकि उन्होंने किसी बड़े शहर या महंगे कोचिंग संस्थान का रुख करने के बजाय अपने गाँव में ही रहकर बेहद सीमित संसाधनों के बीच यह मुकाम हासिल किया है। उनकी शुरुआती शिक्षा भी बेहद सामान्य रही है। उन्होंने अपनी मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई स्थानीय सरकारी विद्यालय राय बहादुर जगदीश प्रसाद सिंह प्लस टू उच्च विद्यालय बामनगामा से पूरी की।
इसके बाद वे घर पर ही रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। नेहा कुमारी के पिता मृत्युंजय प्रसाद सिंह किसान हैं जबकि मां मुन्नी देवी गृहणी है बेटी की इस कामयाबी पर पूरा परिवार बेहद खुश है। उनकी इस शानदार कामयाबी से परिवार में हर्ष का माहौल है। गरिब परिवार की बेटी होकर नेहा कुमारी ने सफल होकर ये साबित कर दिया कि मेहनत धीरे -धीरे बोलती है लेकिन एक दिन जरूर बोलती है। नेहा कुमारी के लिए ऑल इंडिया 41,235वीं रैंक हासिल करना नेहा कुमारी के लिए असान नहीं था फिर भी नेहा ने अपनी पुरी मेहनत और लगन से कर दिखाया जो की बाकी तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी ये प्रेरणा की स्रोत है।
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