झारखंड के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में 16 से 18 जून तक तीन दिवसीय ‘झारखंड कृषि व्यापार मेला’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तरीय इस मेले का inaugurates मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा किया गया है। inaugurates समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जहां न कोई जात है न धर्म है और न कोई पथ इसलिए हम सभी को कृषि पद्धति पर गर्व होना चाहिए। वही मुख्यमंत्री ने इस inaugurates में किसानों को जल संचय करने का भी सुझाव दिया है कहा बिना किसी सरकार के आदेश के आप अपने घरों में खेतों में जल संचय का उपाय जरूर करें क्योंकि आने वाले समय में पानी की बड़ी चुनौती होने वाली है।

उन्होंने पर्यावरण का जिक्र करते हुए कहा कि हम नए युग में प्रवेश तो करेंगे लेकिन साथ-साथ विनाश भी होता जा रहा है। विकास के लिए पुराने और विशाल पेड़ तो काटे जा रहे हैं लेकिन इसकी तुलना में उतने पेड़ नहीं लगाया जा रहा है। इस देश में छली में भी इतना छेद नहीं होगा जितना धरती पर बोरवेल के लिए छेद किया गया।
बात दें कि इस उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्कृष्ट कृषक के रूप 3 किसानों को सम्मान किया गया। इसके साथ ही कुछ किसानों को नियुक्ति पत्र दिया गया। आधुनिक युग के दौर में हेमंत सरकार ने 209 AI वर्कर को Ai कीट भी प्रदान किया गया।
दिल्ली के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक कृषि रथ को भी रवाना किया। यह रथ वैसे किसानों के पास जाएगा जो मेले में नहीं आ सके हैं यानी कि सुदूर भारती इलाके में भी रथ के माध्यम से किसानों को जानकारी दी जाएगी। वही 17 जून को कृषि विशेषज्ञ से किसान उनसे सीधा संवाद कार्यक्रम के माध्यम से जानकारी हासिल करेंगे और अपनी कृषि से जुड़े हम जानकारी जुटाएंगे।
इस दौरान कृषि एवं पशुपालन सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि इस व्यापार मेला से झारखंड के किसानों को उत्पादन के साथ-साथ व्यापार की भी जानकारी मिलेगी और अपनी उत्पादन क्षमता कैसे बढ़ाए इसकी भी जानकारी उन्हें इस मेले से उपलब्ध होगा।





